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  • After The Start Of The New Session In Government Schools, The Amount Has Not Yet Been Received, The Grant Of Books Will Continue As Soon As The Account Is Verified.

नियमों में बदलाव:सरकारी स्कूलों में नए सत्र शुरू होने के बाद अभी तक नहीं मिली राशि, अकाउंट वेरिफाई होते ही किताबों की ग्रांट होगी जारी

गन्नौर10 दिन पहले
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कोरोना महामारी कम होते ही शिक्षा विभाग ने चौथी से बाहरवीं कक्षा तक स्कूल शुरू कर दिए है। शैक्षणिक सत्र का आधा समय बीतने को है, लेकिन सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के न तो पूरी तरह से बैंक खाते खुल पाए और न ही अकाउंट वेरीफाई।

जिले में अभी तक करीब 45 प्रतिशत विद्यार्थियों के बैंक खाते वेरिफाई हुए है। ऐसे में पहली से आठवीं तक के बच्चों को न तो किताबें मिल पाई और न ही खरीदने के लिए पैसे। स्कूलों में बिना किताबों के बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ता देख विभाग ने नियमों में बदलाव करते हुए अब उन बच्चों के खाते में किताबों की राशि डालेगी। जिनके पहले से बैंक में खाता खुला हुआ है और वेरिफाई किया जा चुका है। बाकि विद्यार्थियों के बैंक खाता खोले जाने पर राशि जारी कर दी जाएगी। प्रदेश सरकार सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को फ्री किताबें, वर्दी, स्टेशनरी, मिड-डे मील सहित अन्य कई तरह की सुविधाएं मुहैया कराती है। इसके लिए राशि बच्चों के बैंकों में खुले खातों में भेजी जाती है।

आदान-प्रदान में नहीं मिली पूरी किताबें : कोरोना महामारी के बीच गत वर्ष विद्यार्थियों को विभाग की ओर से मिलने वाली निशुल्क किताबें नहीं मिल पाई थी। बच्चों को पारस्परिक आदान से मिली किताबों से पढ़ाई करनी पड़ी थी। इस बार भी विभाग ने किताबों के पारस्परिक आदान-प्रदान कराने पर जोर दिया। इसको लेकर जोर शोर से अभियान भी चलाया गया। इसके बावजूद भी ज्यादातर बच्चों को किताबें नहीं मिल सकी। जिन बच्चों को किताबें मिली भी है वे पूरी नहीं है। ऐसे में चौथी से आठवीं तक के बच्चों के पास ऑनलाइन पढ़ाई ही सहारा बनी हुई है।

विभाग किताबों के जारी करेगा पैसे

जिले में पहली से 5वीं कक्षा तक टोटल 53,815 बच्चे है, जिनमें से 34,544 बैंक खाते खुले है, जबकि छठी से 8वीं कक्षा तक टोटल बच्चे 30782 है, इनमें से 27399, 9वीं से 10वीं कक्षा तक टोटल बच्चे 20012 में से 18713 और ग्याहरवीं से बाहरवीं कक्षा तक 20073 बच्चे में से 19765 बच्चों का बैंक में खाता खुला है। पहली से पांचवीं कक्षा तक के बच्चों को 250 रुपए व छठी से आठवीं कक्षा तक बच्चों को किताबें खरीदने के लिए 400 रुपए का बजट जारी किया जाना है।

शिक्षा विभाग की तरफ से आदेश मिले थे कि स्कूल में दाखिला लेने वाले नए विद्यार्थियों के बैंक में खाता खुला होना जरूरी है, इसके साथ ही पुराने विद्यार्थियों के बैंक अकाउंट को वेरिफाई कर रिपोर्ट भेजने पर किताबों की राशि खाते में डाली जानी है। -कर्मबीर सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी।

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