उद्यमी बाेले-6 घंटे का पावर कट:ऐसे तो 80 % काम प्रभावित होगा, केंद्रीय मंत्री और सीएम से शिकायत पर भी समाधान नहीं

राई/ गन्नौर6 महीने पहले
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आगामी रणनीति बनाते उद्योगपति। - Dainik Bhaskar
आगामी रणनीति बनाते उद्योगपति।

आज से प्रदूषण को लेकर उद्योगों पर शुरू हो रहीं नई शर्ते, व्यवस्था में खामियों के कारण उद्यमियों के लिए मुसीबत बनेंगी। कोयले पर प्रतिबंध के साथ ही ग्रैप का नियम भी लागू होगा। जिससे इंडस्ट्रीज में जनरेटर चलाने पर भी रोक लगेगी औैर हाल यह है कि यहां रोजाना चार से पांच घंटे का फाल्ट लग रहा है। दीपालपुर के 400 केवीए सब स्टेशन में हैवी ट्रांसफार्मर का फॉल्ट बीते एक माह में ठीक नहीं पाया है। इसलिए कुंडली व राई की इंडस्ट्री के अलावा आसपास के गांवों में बिजली का संकट बरकरार है। सब स्टेशन से आधी बिजली की सप्लाई हो पा रही है। अभी यह समस्या दूर नहीं हुई थी कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यून ने नए फरमान जारी कर जनरेटर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया। जिसके मुताबिक एक अक्टूबर से कुंडली व राई की इंडस्ट्री में जनरेटर पर पूर्ण प्रतिबंध लग जाएगा। परेशान उद्योगपतियों ने इस इंडस्ट्री पर दोहरी मार बताया। क्योंकि, इंडस्ट्री में बिजली संकट के बीच नए आदेश आ गए हैं। उद्योगपतियों का कहना है कि उद्याेगों पर ताले लगाने के सिवाह कोई दूसरा चारा नही है। इसलिए शुक्रवार दोपहर को सीमा एसोसिएशन के प्रधान महेंद्र गोयल के कार्यालय में उद्योगपतियों की मीटिंग हुई। जिसमें उद्यमियों ने चेतावनी दी है कि हालात न सुधरने पर वह नोएडा में पलायन कर जाएंगे। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि दिन में भी 5-6 घंटे का लगातार कट लग रहा है।

इंडस्ट्री को 12 घंटे सप्लाई में से 6 घंटे का पावर कट स्मॉल स्केल इंडस्ट्री मैन्युफेक्चरिंग एसोसिएशन के प्रधान महेंद्र गोयल, उद्यमी नरेंद्र कुंडू, अमित गुप्ता, मुकेश तायल व प्रिंस ने कहा कि दो महीने से पूरे औद्योगिक क्षेत्र में बिजली संकट चल रहा है। सुबह 9 से रात 9 बजे तक विभिन्न फीडर से 6 घंटे के कट लग रहे हैं। जनरेटर से काम चल रहा है। राई, कुंडली की इंडस्ट्री में बिजली संकट से उत्पाद बनाना मुकिश्ल हो गया।

किससे करें शिकायत, बिजली का समाधान नहीं मिल रहा उद्योगपति निश्चल परूथी ने कहा कि उद्योगपतियों ने केंद्रीय मंत्री व सीएम के अलावा बिजली निगम के एसई से लेकर एमडी तक शिकायत के बावजूद बिजली संकट का समाधान नहीं हुआ। हालात ऐसे पैदा हो गए हैं कि इंडस्ट्री नही चलेगी। बिजली न होने का विकल्प जनरेटर है, क्योंकि अधिकतर के पास पीएनजी कनेक्शन नहीं है। इसलिए उद्याेग बंद करना पड़ेगा।

बिजली संकट दूर हाेने में अभी कुछ दिन लगेंगे : एसई ^दीपालपुर के 400 केवीए सब स्टेशन में तकनीकी खराब आई हुई है। जिसकी वजह से बिजली संकट है। बिजली निगम की टीम रिपेयर कर रही है और कुछ दिन का समय ओर लग सकता है। संदीप जैन, एसई, बिजली निगम सोनीपत।

इंडस्ट्री चलेगी ही नहीं तो तालाबंदी मजबूरी प्रधान महेंद्र गोयल ने कहा कि राई में बिजली संकट से 80 प्रतिशत उत्पादन प्रभावित हो चुका है। मॉल समय पर तैयार नही होने पर ऑर्डर कम हो रहे हैं। उनके खुद के कई ऑर्डर केंसिल हो गए हैं। उद्योगपति कर्ज के बोझ तले दबता जा रहा है। सरकार को संकट से बाहर निकालने पर विचार करना चाहिए। बिजली संकट से उद्योगपति फैक्ट्रियों पर ताला लगाने पर मजबूर हैं।

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