मीटिंग की तैयारी:38 दिन बाद आज फिर होगी संयुक्त किसान मोर्चा की मीटिंग

राई3 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

संयुक्त किसान मोर्चा की पूरे 38 दिन बाद शनिवार 15 जनवरी को कुंडली बॉर्डर पर एक बार फिर मीटिंग होगी। इस बार एसकेएम की मीटिंग काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस मीटिंग में एसकेएम पंजाब में चुनाव लड़ रहे किसान संगठनों को एसकेएम से बाहर का रास्ता दिखा सकते हैं। इसके लिए पूरी तैयारी व मंथन किया जा चुका है।

संयुक्त किसान मोर्चा के प्रेस प्रवक्ता गुरमीत सिंह मेहमा ने बताया कि 9 दिसंबर 2021 को संयुक्त किसान मोर्चा की अंतिम बैठक हुई थी। जिसमें हरियाणा व पंजाब के सभी किसान संगठनों ने भाग लिया था। एसकेएम की इस मीटिंग में किसान आंदोलन को स्थगित करने का फैसला व किसानों की घरवापसी का एलान हुआ था। किसान 11 दिसंबर को दिल्ली के बॉर्डर्स से अपने घर चले गए थे। संयुक्त किसान मोर्चा ने सर्वसम्मति से फैसला लिया था केंद्र सरकार ने जो मांग स्वीकार की है। उसकी समीक्षा के लिए 15 जनवरी को एक मीटिंग होगी।

जिसमें तीन कृषि कानूनों के अलावा किसानों की जो मांग थी, उस पर सरकार कहां तक आगे बढ़ी है। इस पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इसी वजह से सरकार को 15 जनवरी तक का समय दिया था। अब 15 जनवरी की मीटिंग में किसान नेता डॉ. दर्शनपाल सिंह, जगजीत सिंह डल्लेवाल, योगेंद्र यादव, शिवकुमार कक्का, युद्धबीर सिंह को आंमत्रित किया गया है।

प्रवक्ता गुरमीत सिंह मेहमा ने पूरे विश्वास के साथ कहा कि बलबीर सिंह राजेवाल, रविंद्र पटियाला व गुरनाम चडूनी आदि पंजाब में चुनाव लड़ने के लिए अपनी पार्टी बना चुके हैं। ऐसे में उनका एसकेएम से बाहर जाना लगभग तय है। कुंडली बॉर्डर पर होने वाली इस मीटिंग में इस पर फैसला लिया जाएगा। संयुक्त किसान मोर्चा की इस मीटिंग को लेकर पंजाब व हरियाणा के किसान भी नजर लगाए हुए हैं। हरियाणा की गई खाप भी मीटिंग में शामिल हो सकती हैं।

खबरें और भी हैं...