सीवर लाइनों की सफाई का मामला:सीवर लाइनों की सफाई के लिए शहर को मिलेगी जेटिंग एवं शकर मशीन

गोहाना2 महीने पहले
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  • मशीन आने से सीवर की सफाई के लिए दूसरे जिलों पर नहीं रहना पड़ेगा निर्भर

शहर में सीवर लाइनों की सफाई के लिए जलापूर्ति विभाग को दूसरे जिलों की मशीनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। मुख्यालय द्वारा विभाग को एक जेटिंग एवं शकर मशीन उपलब्ध करवाई जाएगी। मशीन आने के बाद शहर में सीवर लाइनों की सफाई का कार्य तय समय पर हो सकेगा। इससे लोगों को जलभराव का सामना नहीं करना पड़ेगा। शहर में पानी की निकासी सीवर लाइनों पर निर्भर है। एनजीटी के आदेशों पर नगर परिषद ने खुले नालों को भी सीवर लाइनों के साथ जोड़ दिया है। नालों को सीवर के साथ जोड़ने के प्वाइंट पर नप ने नियमानुसार लोहे की जाली नहीं लगाई है। इससे नाले की पॉलीथिन और सिल्ट सीवर लाइन में पहुंच जाती है। इससे शहर में सीवर लाइनें बार-बार जाम हो जाती हैं। अवरूद्ध हुई सीवर लाइनों को खोलने के लिए विभाग के पास एक जैटिंग एवं शकर मशीन है। यह मशीन अधिक पुरानी है। मशीन अधिक पुरानी होने के कारण पूर्ण कार्यक्षमता के साथ कार्य नहीं कर पाती है। अधिकारियों के अनुसार मशीन का प्रैशर बहुत कम है। कम प्रैशर के कारण सीवर लाइन में अवरूद्ध सिल्ट साफ नहीं होती है। इससे शहर में पानी निकासी व्यवस्था प्रभावित हो जाती है। सीवर लाइनों की सही ढंग से सफाई कराने के लिए अधिकारियों को बार-बार दूसरे जिलों से मशीनें मगवानी पड़ती हैं। अधिकारियों ने नई मशीन के लिए प्रपोजल तैयार कर मुख्यालय भेजा था। मुख्यालय ने मशीन भेजने को लेकर मंजूरी दी है।

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