किसानों ने कृषि विभाग कार्यालय में दी शिकायत:बाजरा की फसल में किसानों को नहीं मिल रहा है भावांतर भरपाई योजना का लाभ

गोहाना2 दिन पहले
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  • सीजन में 983 किसानों ने बेची है बाजरा की फसल

नई अनाज मंडी में बाजरा की फसल बेचने के बाद अधिकांश किसानों को भावांतर भरपाई योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। योजना के अंतर्गत एमएसपी से कम रेट में फसल की बिक्री होने पर सरकार द्वारा 600 रुपए प्रति क्विंटल भरपाई की जानी है। योजना का लाभ लेने के लिए किसानों ने कृषि विभाग कार्यालय में शिकायत दर्ज करवाई है।

नई अनाज मंडी में इस बार बाजरा की खरीद सरकारी रेट पर नहीं की। हालांकि सरकार द्वारा बाजरा का एमएसपी ₹2250 प्रति क्विंटल निर्धारित किया हुआ था। सरकारी खरीद नहीं होने के चलते व्यापारियों ने किसानों की फसल कम रेट पर खरीदी। किसानों के अनुसार व्यापारियों ने बाजरा की फसल ₹600 से लेकर ₹1000 तक कम रेट में खरीदी थी। किसानों के नुकसान की भरपाई के लिए सरकार ने भावांतर भरपाई योजना के अंतर्गत बाजरा की बिक्री करवाई।

योजना के अंतर्गत किसानों को ₹600 प्रति क्विंटल अनुदान राशि दी जानी है। ज्यादा कर किसानों को योजना का लाभ नहीं मिला है। किसानों का कहना है कि कम रेट में फसल बेचने से उन्हें काफी नुकसान हुआ है। अब भावांतर भरपाई का भी लाभ नहीं मिलने से किसानों के नुकसान की भरपाई नहीं हो पाएगी। योजना का लाभ लेने के लिए किसान कृषि विभाग कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।

983 किसानों ने बेचा 19117 क्विंटल बाजरा
सीजन के दौरान क्षेत्र के 983 किसानों ने अनाज मंडी में बाजरा बेचा। इन किसानों ने मंडी में 19117 क्विंटल बाजरा बेचा। अधिकारियों के अनुसार इनमें से 777 किसानों ने मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण करवाया हुआ था। वही 206 किसानों ने पोर्टल पर पंजीकरण नहीं करवाया हुआ था। अधिकारियों के अनुसार भावांतर भरपाई योजना का लाभ केवल पंजीकृत किसानों को ही मिलेगा।

अधिकारियों को किया गया है सूचित : टीए
भावांतर भरपाई योजना के अंतर्गत कुछ किसानों ने योजना का लाभ नहीं मिलने को लेकर शिकायतें दर्ज करवाई है। इस संबंध में आला अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है। -वरुण मेहंदीरत्ता, टीए, कृषि विभाग, गोहाना

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