विश्वकर्मा जयंती विशेष:‘भगवान विश्वकर्मा को निर्माण व सृजन का माना जाता है देवता’

गोहाना21 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
विश्वकर्मा चौक पर भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा का माल्यार्पण करते लोग - Dainik Bhaskar
विश्वकर्मा चौक पर भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा का माल्यार्पण करते लोग
  • विभिन्न संस्थाओं ने पूजा-अर्चना कर मनाई भगवान विश्वकर्मा जयंती

विश्वकर्मा दिवस के अवसर पर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भगवान विश्वकर्मा की जयंती मनाई। विश्वकर्मा चौक पर उन्होंने भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा का माल्यार्पण किया। विश्वकर्मा ने समाज के लोगों को आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया। कार्यक्रम अखिल भारतीय विश्वकर्मा महासभा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य विनोद पांचाल की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। पांचाल ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा को निर्माण और सृजन का देवता माना जाता है।

भगवान विश्वकर्मा को दुनिया का सबसे पहला इंजीनियर भी कहा जाता है। वे अपनी शिल्प कला के लिए मशहूर थे। उन्होंने देवताओं के लिए महल, हथियार और भवनों का निर्माण किया था। उन्होंने कहा कि भगवान विश्वकर्मा जयंती के दिन मिस्त्री अपने औजारों का पूजन करते हैं। औजारों का पूजन करने से समृद्धि आती है। इस अवसर पर राजू बेडवाल, कृष्ण जांगड़ा, रामपाल, मुख्तार, जगदीश, रामपाल, खुशीराम, दीपचंद, आजाद सिंह दांगी आदि उपस्थित थे। आहुलाना गांव में स्थित ग्राम सचिवालय में ग्रामीणों द्वारा भगवान विश्वकर्मा दिवस मनाया गया। ग्रामीणों ने हवन कर भगवान विश्वकर्मा का पूजन किया। हवन के बाद गांव में भंडारे का आयोजन किया गाय। भंडारे में सैकड़ों ग्रामीणों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर सोमबीर मलिक, सुरेश, रमेश, मुकेश, संजय, राकेश, संदीप कुमार, राजमल, बिंदा, सोनू, मनोज, बिजेंद्र कश्यप, सत्यनारायण आदि उपस्थित थे।

निगम के कर्मचारियों ने शस्त्रों का पूजन किया विश्वकर्मा दिवस पर सब स्टेशन खानपुर कला में निगम कर्मचारियों ने शस्त्र पूजन किया। सब स्टेशन इंचार्ज सत्यवान ने कर्मचारियों को पूर्ण निष्ठा और ईमानदारी के साथ काम करने का संदेश दिया। इस अवसर पर सतीश, जितेंद्र, मोहित, सुरेंद्र, सत्यवान, रामधन आदि उपस्थित थे।

खबरें और भी हैं...