श्रद्धालु:मां भगवती की उपासना का पर्व नवरात्र प्रारंभ, साधकों ने की कलश स्थापना

गोहाना12 दिन पहले
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समता चौक पर शिव गंगा सेवा समिति के दरबार का शुभारंभ करते हुए। - Dainik Bhaskar
समता चौक पर शिव गंगा सेवा समिति के दरबार का शुभारंभ करते हुए।
  • मां शैलपुत्री की उपासना कर मांगा आशीर्वाद, दिनभर मंदिरों में रही भीड़

शैलपुत्री पूजन के साथ गुरुवार को शारदीय नवरात्र शुरू हो गए। माता के पूजन के लिए शहर में समता चौक पर माता का दरबार लगाया हुआ है। दरबार में सुबह व शाम को माता की आरती होगी। नवरात्र में बाजार में भी ग्राहकों की भीड़ बढ़ गई है। ग्राहक माता के पूजन के लिए सामग्री और दूसरी चीजों की खरीदारी कर रहे हैं।

शिव गंगा सेवा समिति के प्रधान सुभाष पाहुजा ने बताया कि नवरात्र वर्ष में दो बार चैत्र व अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से शुरू होता है। इस अवसर पर देवी के नौ रूपों का नवमी तक पूजन किया जाता है। चैत्र मास के नवरात्र वार्षिक तथा अश्विन मास के नवरात्र शारदीय नवरात्र कहा जाता है।

शहर में नवरात्रों में देवी के पूजन के लिए समता चौक पर समिति द्वारा माता का दरबार लगाया गया है। उन्होंने बताया कि समिति द्वारा 52वां दरबार लगाया गया है। समाजसेवी सुरेश मल्होत्रा ने दरबार का शुभारंभ किया। माता का दरबार शुरू करने पर पंडाल में शैलपुत्री की विधिवत पूजा की गई।

दरबार में झंडे की रस्म अरूण बडौक, पर्दा की रस्म संजय, कलश पूजन पूर्णचंद्र अरोड़ा, चुन्नी रस्म शालू मल्होत्रा, हार की रस्म सुनील, सनी खुराना, धरमवीर, रजनी विरमानी, छत्र की रस्म अरूण बडौक, खेत्री पूजन साहिल दूरेजा, तिलक की रस्म संजय बत्रा, मेहंदी सनी खुराना, जोत नरेंद्र गहलावत, चुन्नी की रस्म शालू मल्होत्रा, रमेश बत्रा, बंसी वाल्मीकि और बंटी हंस ने की।

उन्होंने कहा कि दरबार में सुबह माता का पूजन व शाम को भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। प्रशासन के आदेशानुसार पंडाल में 20 से अधिक श्रद्धालुओं को आने की अनुमति नहीं है। 14 अक्टूबर को कन्या पूजन के साथ नवरात्रों का समापन किया जाएगा।

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