शर्मसार:एक दिन के नवजात को गन्ने के खेत में छोड़ा, ग्रामीणों ने मेडिकल कॉलेज में कराया भर्ती

गोहाना2 महीने पहले
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गोहाना. नवजात शिशु को संरक्षण में लेती सीडब्ल्यूसी कमेटी की सदस्य। - Dainik Bhaskar
गोहाना. नवजात शिशु को संरक्षण में लेती सीडब्ल्यूसी कमेटी की सदस्य।
  • ग्रामीणों ने कहा- शायद बदनामी के डर से महिला ने शिशु को खेत में मरने के लिए छोड़ा

कथूरा गांव में छिछड़ाना रोड पर स्थित गन्ने के खेत में एक दिन के नवजात शिशु को मरने के लिए छोड़ दिया गया। शाम को खेत में घूमते समय ग्रामीणों को बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। अंदर जाकर देखा तो शिशु दिखाई दिया। उन्होंने इधर-उधर देखा, लेकिन कोई दिखाई नहीं दिया। ग्रामीणों ने अंदेशा जताया कि अज्ञात महिला बदनामी ने बचने के लिए ही नवजात शिशु को खेत में छोड़कर गई है।

ग्रामीण सत्यवान निवासी कथूरा ने बरोदा थाना में शिकायत देकर शिशु को छोड़कर जाने वाली महिला का पता लगाने की मांग की है। पुलिस ने अज्ञात महिला के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। सत्यवान के अनुसार सोमवार शाम को रामकुमार के साथ खेतों में घूमने के लिए गया था। जब वे पुलीवाले खेत में पहुंचे तो एक बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी।

आवाज सुनकर वे भी आश्चर्यचकित थे कि इस समय बच्चा खेतों में क्या कर रहा है। वे खेत के अंदर गए तो नवजात शिशु दिखाई दिया। आसपास कोई महिला भी नहीं थी। उन्होंने शक जताया कि कोई महिला अपनी बदनामी छिपाने के लिए ही बच्चे को खेत में मरने के लिए छोड़कर गई है। उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी और शिशु को बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज, खानपुर कलां लेकर गए। वहीं, सूचना के बाद बरोदा थाना से पुलिस टीम मौके पर पहुंची जांच शुरू की।

बच्चे की नाभी चार उंगल, नीले रंग का लगा मिला क्लिप

ग्रामीणों के अनुसार नवजात शिशु लड़का है। उसकी नाभी चार उंगल थी, जिस पर नीले रंग का क्लिप लगाया हुआ था। नवजात शिशु का मिलना गांव में भी चर्चा का केंद्र बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि शिशु को खेत में डालने वाली महिला गांव की है या फिर अन्य किसी गांव की, यह कहना मुश्किल है। पुलिस के साथ-साथ ग्रामीण भी अपने स्तर पर इसका पता लगाने में लगे हुए हैं।

सीडब्ल्यूसी ने शिशु के अपने संरक्षण में लिया

नवजात शिशु को चाइल्ड वेल्फेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) ने औपचारिकताएं पूरी करके अपने संरक्षण में लिया है। कमेटी की वरिष्ठ सदस्य सुनीता देवी ने बताया कि शिशु को स्पेशल अडॉप्शन एजेंसी (काडा) भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई हैं, ताकि शिशु का अच्छे ढंग से पालन-पोषण हो सके। शिशु के माता-पिता को खोजने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। इस अवसर पर सीडब्ल्यूसी की चेयरपर्सन अनीता शर्मा, सदस्य पूनम देवी, सदस्य रितु, सदस्य बबीता पालीवाल मौजूद थी।

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