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मेडिकल कॉलेज में डीएनएस व एएनएस का पद खाली:रिकॉर्ड न मिलने से स्टॉफ नर्सों की नहीं हो रही सीनियरिटी तय, मेडिकल कॉलेज कार्यालय से 2016-18 में रिकॉर्ड गायब

गोहाना4 दिन पहले
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मेडिकल कॉलेज में कार्यरत स्टॉफ नर्सों की नियुक्ति का रिकॉर्ड गायब हुए पांच वर्ष हो चुके हैं। कॉलेज प्रशासन के लिए नर्सों की सीनियरिटी तय करना सबसे बड़ी सिरदर्दी बनी हुई है। सीनियरिटी तय नहीं होने से अधिकारी डीएनएस और एएनएस के खाली हुए पद तीन माह बाद भी नहीं भर पाए। डायरेक्टर ने चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग से सीनियरिटी तय करने के लिए गाइडलाइन मांगी है।

कॉलेज वर्ष 2011 में शुरू हुआ था। उस समय स्टॉफ नर्सों की भर्ती की थी। कॉलेज में एक पद डीएनएस और दो पद एएनएस के हैं। इसके अलावा नर्सिंग सिस्टर, अधीक्षक के करीब 25 पद भी प्रमोशन से भरने हैं। डीएनएस और एएनएस के पद पर कार्यरत स्टॉफ नर्सों को करीब तीन माह पहले विभाग ने कोर्ट के आदेशों पर रिलीव कर दिया था। उनकी नियुक्ति को कोर्ट में चुनौती दी गई थी। उनके जाने के बाद व्यवस्था बनाने के लिए तीनों ही पदों काे सीनियरिटी के आधार पर भरना था।

सीनियरिटी तय करने के लिए ज्वाइनिंग रिकॉर्ड की आवश्यकता है। जो कॉलेज के पास नहीं है। इसलिए अधिकारी स्टॉफ नर्सों की मांग पूरा करने के लिए चर्चा करते हैं, लेकिन रिकॉर्ड नहीं होने से सीनियरिटी तय नहीं कर पाते।

मेडिकल कॉलेज कार्यालय से 2016-18 में रिकॉर्ड गायब

नर्सों की नियुक्ति का रिकॉर्ड कॉलेज कार्यालय में रखा हुआ था। वर्ष 2016 और 2018 में रिकॉर्ड गायब होने का मामला पुलिस तक पहुंचा। वर्ष 2016 में रिकॉर्ड गायब होने के मामले में ब्रांच की एक महिला सहायक अधीक्षक को सस्पेंड कर दिया था। बाद में जांच में कुछ नहीं मिला। पुलिस भी पांच साल बाद गायब हुए रिकॉर्ड को तलाश नहीं कर पाई।

क्लर्कों व डॉक्टरों की प्रमोशन हुई, लेकिन स्टॉफ नर्सों की एक बार भी नहीं हुई : स्टॉफ नर्सों का कहना है कि 2011-12 में भर्ती स्टॉफ भर्ती की प्रमोशन हो चुकी है, लेकिन 10 वर्षों में स्टॉफ नर्सों की प्रमोशन एक बार भी नहीं हुई। स्टॉफ नर्स प्रमोशन की मांग सीएम, स्वास्थ्य मंत्री, विभाग के अधिकारियों के सामने उठा चुकी हैं, लेकिन प्रमोशन नहीं हुई।

मुख्यालय से गाइडलाइन मांगी

स्टॉफ नर्सों की प्रमोशन की मांग है। रिकॉर्ड के बिना सीनियरिटी तय नहीं कर पा रहे। इसलिए मुख्यालय से गाइडलाइन मांगी है। जैसे ही गाइडलाइन आएगी, उसके आधार पर सीनियरिटी तय करके प्रमोशन कर दी जाएगी। -डॉ. राजीव महेंद्रू, डायरेक्टर, मेडिकल कॉलेज, खानपुर कलां।

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