वाल्मीकि प्रकटोत्सव में नहीं आए सीएम:10 नाके लगा शहर किया सील, हेलीपैड के बाहर ही किसानों ने दिया धरना, 5 घंटे जाम से जूझे लोग

गोहानाएक महीने पहले
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गोहाना . देवीलाल चौक पर पुलिस नाके पर किसानों को रोकते पुलिस कर्मी। - Dainik Bhaskar
गोहाना . देवीलाल चौक पर पुलिस नाके पर किसानों को रोकते पुलिस कर्मी।
  • विरोध के लिए इंतजार करते रहे किसान

वाल्मीकि प्रकटोत्सव पर गोहाना में आयोजित प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में सीएम के आने की तैयारी को देखते हुए किसान विरोध करने पहुंच गए, लेकिन सीएम का प्रोग्राम ही कैंसिल हो गया। इसके लिए शहर भर में लगाए गए 10 नाके के चलते जाम से जूझना पड़ा। वहीं जींद रूट को डायवर्ट होने से लोगों को लंबा सफर भी करना पड़ा।

इधर किसान करीब 11 बजे से साढ़े चार बजे कार्यक्रम समाप्त होने तक हेलीपैड के बाहर धरने पर बैठे रहे। वाल्मीकि आश्रम में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सीएम मनोहर लाल को मुख्य अतिथि बनाया गया था। इसके पोस्टर आदि लगाए गए थे। संयुक्त किसान मोर्चा ने सीएम के विरोध करने की चेतावनी दी थी।

इसको लेकर आयोजन कमेटी और किसान नेताओं के बीच तीन से ज्यादा बार बैठक हुई लेकिन विरोध करने पर अड़े रहे। इसके चलते प्रशासन में असमंजस की स्थिति रही। मंगलवार रात तक प्रशासन ने कुछ नहीं बताया। बुधवार सुबह सीएम के आने को लेकर तैयारी शुरू हो गई। हेलीकॉप्टर के लिए कार्यक्रम स्थल वाल्मीकि आश्रम से करीब 100 मीटर दूर देवीलाल स्टेडियम में सुबह हेलीपैड बनाया गया।

किसानों के लिए 10 नाके लगाए गए, लेकिन इसको तोड़ते किसान स्टेडियम में पहुंच गए। वहां प्रशासन ने बहुत समझाने का प्रयास किया और उन्हें विरोध के लिए अलग जगह देने की बात कही लेकिन वह नहीं माने। स्टेडियम के बाहर बैठे किसान शाम साढ़े चार बजे तक सीएम के आने का इंतजार करते रहे। वाल्मीकि आश्रम में चल रहे कार्यक्रम समाप्त होने बाद किसान भी वहां से चले गए।

‘सीएम नहीं आने वाले थे’

गोहाना हल्के से कांग्रेस विधायक जगबीर मलिक ने कहा कि सीएम मनोहर लाल का गोहाना का कोई कार्यक्रम नहीं था। वह वाल्मीकि समाज व किसानों को आपस में भिड़वाना चाहते थे। जिससे आपसी भाईचारा खराब हो। उन्होंने कहा कि बुधवार को भाजपा का प्रदेश परिषद का कार्यक्रम पंचकूला में था।

जिसमें भाजपा के हरियाणा प्रभारी विनोद तावड़े, ओमप्रकाश धनखड़ सहित कई मंत्री उपस्थित थे। सीएम को स्वयं कार्यक्रम में शामिल होना था। उनका गोहाना में आने का कोई कार्यक्रम ही नहीं था। इसके बावजूद भी सीएम ने लोगों को गुमराह करने का कार्य किया।

किसान बोले- नहीं उतरने देंगे सीएम का हेलीकाॅप्टर
बुधवार सुबह सीएम के आने की सूचना किसान शहर के बाहर एकत्र होने लगे। उनका विरोध रोकने के लिए चीनी मिल, आहुलाना में एसडीएम आशीष वशिष्ठ और एएसपी निकिता खट्टर ने भारतीय किसान यूनियन के नेताओं के साथ मीटिंग की। एक घंटे चली मीटिंग में भी कोई हल नहीं निकला। भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यवान नरवाल, जिलाध्यक्ष अशोक लठवाल और चिकित्सा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष शमशेर मलिक ने कहा कि सीएम का विरोध किया जाएगा। हेलीकॉप्टर को उतरने नहीं दिया जाएगा।

देवीलाल चौक से लगा लंबा जाम
मीटिंग के बाद ट्रैक्टर-ट्राॅली लेकर बड़ी संख्या में किसान पानीपत चुंगी पर लगा नाका तोड़कर देवीलाल चौक पहुंचे। सुबह 11 बजे पहुंचे किसानों को यहां पुलिस बैरीकेड लगाकर रोक दिया। इससे किसान वहीं धरने पर बैठ गए। इससे यहां जाम लग गया। इससे वहां वाहनों की कतारें लग गईं है। इसके साथ कई सड़कों पर जाम लग गया। स्कूल बसें भी फंस गई। परिजन बार-बार स्कूल बस चालक को फोन करके बच्चों के आने के बारे पूछते रहे।

एसडीएम आशीष वशिष्ठ ने किसानों को स्कूली बच्चे और लोगों के लिए रास्ता देने अपील की। उन्होंने नेताओं से कहा कि सीएम अन्य कार्यक्रम में व्यस्त है। इसलिए वे अनाज मंडी में आराम से बैठें। लेकिन किसान नेताओं ने स्टेडियम में बैठने की जगह देने को कहा।

बाद में स्टेडियम के गेट के बाहर सड़क पर बैठने पर सहमति बनी। किसानों ने टेंट लगाकर वहीं पर धरना शुरू कर दिया। प्रशासन ने करीब साढ़े 12 बजे यहां का नाका हटा दिया था। चौक पर खड़ी गाडिय़ां स्टेडियम के अंदर खड़ी करा दी।

शहर में यहां लगे थे नाका

  • शहर में श्रीराम शरणम आश्रम, मोर चौक, जींद-महम बाइपास पर महम मोड, विश्वकर्मा चौक, फव्वारा चौक, पानीपत चुंगी, समता चौक, देवीलाल चौक, मेन बाजार, छोटूराम चौक पर पुलिस नाका लगाया गया। यहां भी जाम की स्थिति बनी रही।
  • पुलिस ने जींद रोड से गुजरने वाले वाहनों को महम-जींद बाइपास पर डायवर्ट किया।

अन्य कार्यक्रमों के चलते नहीं आए सीएम

सीएम कार्यक्रम में व्यस्त रहने के चलते नहीं आ पाए। दोपहर को सीएम के अन्य कार्यक्रम में व्यस्त होने के बारे में किसानों भी बताया गया था। किसानों से बच्चों और वाहनों के गुजरने के लिए रास्ता खाली करने की अपील की थी। बाद में किसान सड़क किनारे बैठने पर मुगलपुरा रोड खुलवा दिया था।

आशीष वशिष्ठ, एसडीएम, गोहाना।

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