समस्या:मुख्यालय की मंजूरी मिलने से अटका हुआ है महम रोड को फोरलेन करने का कार्य

गोहाना2 दिन पहले
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महम रोड पर शुगर मिल के नजदीक पलटी गन्ने से भरी ट्राॅली। - Dainik Bhaskar
महम रोड पर शुगर मिल के नजदीक पलटी गन्ने से भरी ट्राॅली।
  • रोड की चौड़ाई कम होने से हो रहे हैं हादसे, गन्ने से भरी ट्राॅली पलटी

महम रोड को फोरलेन करने का कार्य बीते कई वर्षों से अटका हुआ है। रोड को चौड़ा करने के लिए अभी मुख्यालय ने मंजूरी नहीं दी है। रोड की चौड़ाई कम होने से वाहन चालक हादसे का शिकार हो रहे हैं। गुरुवार देर शाम अनियंत्रित होकर गन्ने से भरी ट्राॅली पलट गई। रोड पर बढ़ रही हादसों की संख्या को देखते हुए किसानों ने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से रोड की चौड़ाई बढ़ाने की मांग की।

महम रोड की चौड़ाई सात मीटर है। रोड की सात मीटर की चौड़ाई वाहनों की आवाजाही के लिए पर्याप्त नहीं हैं। शुगर मिल का पेराई सत्र चला हुआ है। इससे रोड पर ट्रैफिक अधिक बढ़ गया है। इसमें गन्ना लेकर मिल में जाने वाले किसानों की संख्या अधिक रहती है। किसान ट्रैक्टर के पीछे एक से अधिक ट्राॅलियां जोड़ कर लाते हैं। इसके चलते वाहन चालकों को सामने चल रहे वाहन को ओवरटेक करने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं मिलता है। गुरुवार शाम को सिवानका गांव का किसान शुगर मिल में गन्ना लेकर आ रहा था।

माइनर के नजदीक ट्रैक्टर को ओवरटेक करते समय ऑटो अचानक से उसके सामने आ गई। ऑटो को बचाते समय ट्रैक्टर ट्रॉली अनियंत्रित हो गई और रोड के नीचे उतरकर पलट गई। महम रोड पर पीडब्ल्यूडी का कथूरा गांव तक क्षेत्र है। यह लंबाई करीब 21 किलोमीटर है। सीएम मनोहर लाल की घोषणा के अनुसार महम रोड को रेलवे फाटक से लेकर शुगर मिल तक ही फोरलेन किया जाएगा। रोड की चौड़ाई बढ़ाने पर पीडब्ल्यूडी 15 करोड़ रुपए खर्च करेगा। फोरलेन होने पर हादसे रोकने के लिए बीच में डिवाइडर तैयार किया जाएगा। शुगर मिल के गेट से आगे रोड की चौड़ाई सात मीटर ही रहेगी।

पीडब्ल्यूडी जेई अमित मलिक ने कहा कि महम रोड को शुगर मिल तक फोरलेन किया जाना है। निर्माण कार्य करने के खर्च का एस्टीमेट तैयार कर मुख्यालय भेजा हुआ है। मुख्यालय की मंजूरी मिलने के बाद रोड को फोरलेन करने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

वन विभाग ने मांगे पेड़ों के 1.5 करोड़ रुपए
महम रोड को फोरलेन करने में रोड के दोनों तरफ लगे पेड़ों की कटाई की जानी है। पेड़ों की कटाई करने के लिए पीडब्ल्यूडी को वन विभाग से एनओसी मिल चुकी है। पेड़ों की कटाई के बदले पीडब्ल्यूडी को 1.5 करोड़ रुपए वन विभाग को देने होंगे। पैसे ट्रांसफर होने के बाद ही वन विभाग पेड़ काटने की अनुमति देगा।

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