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ब्लैक फंगस के टीके का संकट:दिनभर इंतजार,शाम को कर्मी अंबाला से लाए 26 इंजेक्शन

गोहाना23 दिन पहले
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  • मेडिकल कॉलेज में अब तक 12 मरीजों की हो चुकी है सर्जरी, 17 मरीज भर्ती हैं

मेडिकल कॉलेज, खानपुर कलां में भर्ती ब्लैक फंगस के मरीजों का आंकड़ा बढ़कर 17 हो गया है। इनमें से 12 मरीजों की सर्जरी हो चुकी हैं। ब्लैक फंगस के मरीजों के लिए इंजेक्शन की कमी है। मरीजों सप्लाई आने पर टीका लगाने का आश्वासन दिया गया। दिन भर इंतजार करने के बाद कर्मचारी अंबाला से शाम को करीब 26 इंजेक्शन कॉलेज में वापस पहुंचे। इसके बाद ही डॉक्टरों ने मरीजों को टीका लगाया।

कॉलेज में प्रतिदिन दो या तीन ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं, जिनमें ब्लैक फंगस के लक्षण हैं। बढ़ती संख्या को देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने मरीजों के लिए बेड बढ़ाकर 75 करने का निर्णय लिया है। शनिवार को भी दो नए मरीज पहुंचे हैं। अधिकारी के अनुसार पांच मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जबकि अन्य मरीजों की रिपोर्ट आनी है। लेकिन लक्षणों के आधार पर इनका इलाज किया जा रहा है।

दो दिन में पहुंचे थे 22 इंजेक्शन : कॉलेज ने ब्लैक फंगस मरीजों के लिए करीब 17 दिन पहले सरकार से 500 टीके मांगें थे। इसके लिए रिमांइडर भी भेजा था, लेकिन डिमांड के अनुसार टीके नहीं मिले। मरीज भर्ती होना शुरू होने के बाद मरीजों की सूची मंगाकर उनकी मांग के अनुसार इंजेक्शन भेजना शुरू कर दिया। पहले दिन 10 और दूसरे दिन 12 इंजेक्शन मिले थे। दो दिन टीके मिलने के बाद सप्लाई बंद हो गई थी। शनिवार को फिर से इंजेक्शन अंबाला स्टोर से लेकर जाने का मैसेज मिला। कर्मचारी शाम तक इंजेक्शन लेकर पहुंचे।

डिमांड के अनुसार इंजेक्शन मिल रहे हैं

ब्लैक फंगस मरीजों के लिए इंजेक्शन की डिमांड व्यवस्था के अनुसार प्रतिदिन भेज दी जाती है। डिमांड के अनुसार इंजेक्शन मिल रहे हैं। शनिवार को भी कर्मचारी अंबाला से इंजेक्शन लेकर आए हैं। अब तक 12 मरीजों की सर्जरी हो चुकी हैं। 17 मरीज भर्ती हैं। मरीजों को सभी सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैडॉ. राजीव महेंद्रू, डायरेक्टर, मेडिकल कॉलेज, खानपुर कलां।

इंजेक्शन आने का सुबह से इंतजार कर रहे हैं

^बेटा पिछले कई दिनों से भर्ती है। अभी तक एक या दो बार ही टीका लगा हैं। डॉक्टर से इस बारे में बातचीत की तो उन्होंने इंजेक्शन मंगाने के लिए मरीजों की लिस्ट बनाकर भेजने की बात कही। साथ ही टीका आने तक इंतजार करने को कहा। इंजेक्शन पहुंचने का इंतजार करते-करते सुबह से दोपहर हो गई है। सरकार को मरीजों के लिए इंजेक्शन मुहैया कराने चाहिए। जिससे अच्छी तरह से इलाज हो सके और मरीज ठीक होकर वापस जा सकें। मयूर अली, परिजन।

परिजनों से इंजेक्शन लाने को कहते हैं डॉक्टर

ब्लैक फंगस के मरीजों के परिजनों का कहना है कि डॉक्टर भी उन्हें इंजेक्शन की स्वयं व्यवस्था करने की कह देते हैं। पहले तो भटकने के बाद इंजेक्शन नहीं मिलता। कहीं पर किसी की सिफारिश से इंजेक्शन मिल जाता है तो उसकी कीमत काफी अधिक होती है। सरकार को इंजेक्शन की व्यवस्था करनी चाहिए। जिससे मरीजों का इलाज सही ढंग से होता रहे।

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