बसों की कमी से मिलेगी निजात:राेडवेज डिपो प्रबंधन की ओर से हरियाणा परिवहन निदेशालय से की गई थी 40 बसों की डिमांड

सोनीपत22 दिन पहले
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सोनीपत. बस अड्डा में इंतजार करते यात्री। - Dainik Bhaskar
सोनीपत. बस अड्डा में इंतजार करते यात्री।
  • कंडम हुई बसों की इस महीने होगी भरपाई, 25 नई बसें डिपो में होंगी शामिल

राेडवेज डिपो प्रबंधन द्वारा हरियाणा परिवहन निदेशालय से 40 बसों की डिमांड की गई थी। निदेशालय ने डिपो को 25 बसें देने की मंजूरी दी है। जिसके बाद डिपो प्रबंधन ने राहत की सांस ली है। इससे यात्रियों को बहुत लाभ मिलेगा। वहीं, बसों की कमी की समस्या से डिपो प्रबंधन लंबे समय से जूझ रहा है। जिसका खामियाजा यात्रियों को रूट पर भुगतना पड़ता है। आलम ये है कि कई ग्रामीण रूट पर बसों का परिचालन बंद कर दिया गया है। बीते एक साल में ही डिपो की 30 से अधिक बसें कंडम हो गई हैं। तीन सालों में 60 से अधिक बस कंडम हो चुकी है। 232 बेड़े वाले डिपो में 160 बसों का बेड़ा रह गया है। इसकी वजह से रूट पर बसों को मैनेज कर चलाया जा रहा है। अब निदेशालय ने डिपो को 25 बसें देने की मंजूरी दी है। इससे यात्रियों को बहुत लाभ मिलेगा।

डिपो से रोजाना 48 रूटों पर किया जाता है बसों का परिचालन

डिपो प्रबंधन द्वारा प्रदेश और अन्य प्रदेशों सहित विभिन्न रूटों पर बसों का परिचालन किया जाता है। डिपो से रोजाना सामान्य तौर पर 48 रूटों पर बसों को भेजा जाता है। इसमें पानीपत, रोहतक, गेाहाना, गोहाना, बहादुरगढ़, बागपत, मेरठ, मथुरा, राजस्थान जयपुर, चंडीगढ़, कटरा, लुधियाना, नरेला, दिल्ली, गन्नौर, कामी, पलड़ी, आगरा, दादरी, हरिद्वार सहित विभिन्न स्थानों पर बसों का परिचालन किया जाता है। जिसमें प्रतिदिन करीब 12 हजार यात्री आवागमन करते थे।

लॉकडाउन के बाद बढ़ीं मुश्किलें

बसें कम होने के बाद दो साल डिपो प्रबंधन को सवारियों के लिहाज से कोरोना वायरस के फैलाव से समस्या नहीं हुई। क्योंकि सवारियां ही नहीं होती थी। जिससे डिपो प्रबंधन को बसों की कमी कम खली। अब जैसे-जैसे रूट पर सवारियां बढ़ रही हैं, उसी प्रकार से बसों की जरूरत पड़ने लगी है। जिससे पहले से रूट पर चल रही बसों को बदलना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में नई बसों की डिमांड बढ़ती जा रही है। 2 साल पहले किमी स्कीम की बसें हुईं बेड़े में शामिल

हरियाणा रोडवेज की बसों के अलावा डिपो से 48 किमी स्कीम की बसों का भी परिचालन किया जाता है। दो साल पहले बेड़े में यह बसें शामिल हुई थी। जिसके बाद ही देश में कोरोना वायरस संक्रमण शुरू हो गया। इससे इन बसों के पहिए भी थम गए। हालांकि जैसे-जैसे स्थिति सामान्य हो रही है, इन बसों को रूट पर उतारा जा रहा है। इन दिनों डिपो से 42 किमी स्कीम की बसें चलाई जा रही है। ^डिपो में बसों की कमी का सामना करना पड़ रहा है। जिसके लिए निदेशालय से 40 बसों की डिमांड की गई थी। निदेशालय ने 25 बसों की मंजूरी दी है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि नवंबर के अंतिम सप्ताह तक बसों को भेज दिया जाएगा। राहुल जैन, महाप्रबंधक हरियाणा रोडवेज सोनीपत।

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