हरियाणा में MLAs को धमकाने वाले गिरफ्तार:मुंबई-बिहार से 6 आरोपी पकड़े; पाकिस्तान में बैठे गैंग के 10 मेंबर करते हैं फिरौती के लिए कॉल्स

सोनीपत2 महीने पहले
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हरियाणा के विधायकों को धमकाने वाले 6 आरोपी STF की गिरफ्त में। - Dainik Bhaskar
हरियाणा के विधायकों को धमकाने वाले 6 आरोपी STF की गिरफ्त में।

हरियाणा के 4 विधायकों को धमकी देकर फिरौती मांगने वाले 6 लोगों को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया। हरियाणा पुलिस की स्पेशल टॉस्क फोर्स (STF) ने इन लोगों को मुंबई और बिहार से पकड़ा। यह लोग आर्थिक फ्रॉड करने वाले एक प्रोफेशनल गैंग से जुड़े हैं। STF के अधिकारियों ने गैंग से पैसे डालने के लिए अकाउंट नंबर पूछा और वहां से मिले क्लू कड़ी दर कड़ी जोड़ते हुए इन बदमाशों को गिरफ्तार किया।

शुरुआती जांच के अनुसार, इस गैंग के 10 मेंबर पाकिस्तान में बैठे हैं। विधायकों और दूसरे लोगों को धमकी भरी कॉल्स करने का जिम्मा पाकिस्तान में बैठे लोगों का ही है। बदमाशों की गिरफ्तारी के बाद STF ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों का संबंध न तो किसी गैंगस्टर से है और न आतंकी संगठन से। इनका कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस या गोल्डी बराड़ से भी कोई संबंध नहीं है।

हरियाणा में 26 जून से 28 जून के बीच 4 विधायकों को दुबई और पाकिस्तान के मोबाइल नंबर से जान से मारने की धमकी देते हुए फिरौती के लिए कॉल आई। जिन विधायकों को धमकी भरी कॉल्स आई उनमें सोनीपत के MLA सुरेंद्र पंवार, सफीदों के सुभाष देशवाल, सोहना के विधायक संजय सिंह और साढ़ौरा की विधायक रेणु बाला शामिल है। विधायकों की शिकायत पर अलग-अलग एफआरआई दर्ज की गई। हरियाणा के डीजीपी पीके अग्रवाल ने इस मामले की जांच एसटीएफ को दी।

एसटीएफ की जांच में सामने आया कि जिन फोन नंबरों से कॉल आई, वह मिडल ईस्ट देशों के नंबर हैं और उन्हें पाकिस्तान में बैठकर ऑपरेट किया जा रहा है। पंजाब के कुछ पूर्व विधायकों को भी इन्हीं नंबरों से धमकियां दी गईं। सभी विधायकों से अलग-अलग भाषा में बातचीत की गई।

आरोपियों से बरामद बैंक पासबुक, मोबाइल फोन और एटीएम।
आरोपियों से बरामद बैंक पासबुक, मोबाइल फोन और एटीएम।

15 दिन चला ऑपरेशन

STF के IG सतीश बालन ने इन सभी मुकदमों की तफ्तीश के लिए STF के SP सुमित कुमार के नेतृत्व में स्पेशल टीम बनाई। अलग-अलग टीमों का जिम्मा STF के DSP संदीप धनखड़ और सुरेंद्र किन्हा को दिया गया। तकरीबन 15 दिन चली जांच में DGP पीके अग्रवाल खुद व्यक्तिगत तौर पर मॉनिटर करते रहे।

इस जांच के दौरान केंद्रीय एजेंसियों की मदद भी ली गई। STF ने सभी मोबाइल नंबरों और आईपी एड्रेस का तकनीकी विश्लेषण किया। इसमें तकरीबन 5 टीमें कई दिन लगी रही।

मुंबई से 2 गिरफ्तार

STF अधिकारियों ने सुनियोजित प्लान के तहत आरोपियों से पैसे देने के लिए उनके अकाउंट और मोबाइल नंबर मांगें। उन अकाउंट नंबरों को ट्रैस कर रही अलग-अलग टीमों ने मुंबई और बिहार में कई जगह रेड की। इस दौरान मुंबई में रह रहे बिहार के बेतिया जिले के दमावरा गांव के दुलेश आलम और यूपी के बस्ती जिला के बिगरा गांव के बदरे आलम को गिरफ्तार किया गया। इनसे करीब 20 पास बुक-चैक बुक और इनके 18 ATM, 14 फर्जी सिम, 1 डायरी और 5 मोबाइल फोन बरामद किए।

बिहार से 4 पकड़े

हरियाणा पुलिस की टीमों ने बिहार में भी कई जगह रेड की। इस दौरान मुजफ्फरपुर से अमित यादव उर्फ राधेश्याम को पकड़ा गया जो बिहार के ही गोपालगंज जिले के हजियापुर गांव का रहने वाला है। उसके साथ मोतीहारी जिले के तुरकोलिया गांव का सद्दीक अनवर, ​​​​​​मुजफ्फरपुर जिले के​​​​​​​ पोरखरेरा ​​​​​​​गांव का​​​​​​​ सनोज कुमार और बेतिया जिले के दमौरा गांव का कैश आलम भी पकड़ा गया।

पासबुक, चेकबुक, मोबाइल बरामद

आरोपियों से 2 पासबुक, चेक बुक, 2 डायरियां, 1 रजिस्ट्र, 42 मोबाइल सिम,19 मोबाइल फोन, 37 ATM कार्ड बरामद किए। अब तक आरोपियों से 55 ATM कार्ड, 24 मोबाइल फोन, 56 मोबाइल सिम, 22 पासबुक, चेक बुक, 3,97,000 रुपए, एक गाड़ी और 3 डायरियां बरामद की।

गरीबों के अकाउंट का करते थे इस्तेमाल

आरोपी बेहद शातिर थे और पैसे मंगवाने के लिए गरीब लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल करते थे। इसके लिए वह गरीबों को 15-20 हजार रुपए देकर बैंक में उनके नाम से अकाउंट खुलवाते और उनकी पासबुक, चैकबुक, एटीएम कार्ड और पासवर्ड अपने पास रख लेते। साथ ही हर खाते को ऑपरेट करने के लिए अलग सिम कार्ड खरीद लेते। छापामारी के दौरान मुंबाई पुलिस क्राइम ब्रांच, STF बिहार और बिहार पुलिस से भी सहयोग लिया गया।

आरोपियों से पाकिस्तान में बैठे 10 लोगों का पता चला जो धमकियां देने के अलावा फिरौती मांगने का काम करते थे। जांच में सामने आया कि धमकी और फिरौती की सभी कॉल आर्थिक फ्रॉड करने वालों के प्रोफेशनल गैंग से जुड़े लोगों ने की। विदेश में बैठे गैंग के मेंबर लोगों से फिरौती मांगते और दुलेष व अमित की ओर से बताए जाने वाले बैंक खातों में पैसे डलवाते। दुलेष व अमित इन पैसों को ATM से निकालकर या पाकिस्तान में बैठे अपराधियों की ओर से बताए जाने वाले बैंक अकाउंट में डलवा देते थे।