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मरीजों से लूट नहीं:एंबुलेंस चालकों की नहीं चलेगी मनमानी, जीपीएस से दूरी व लोकेशन की निगरानी

सोनीपत24 दिन पहले
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एम्बुलेंस के साथ एम्बुलेंस चालक। - Dainik Bhaskar
एम्बुलेंस के साथ एम्बुलेंस चालक।
  • डीसी ने एंबुलेंस चालकों से मिलकर दूसरी बार रिवाइज किया रेट, जीपीएस की अनिवार्यता, सेक्रेटरी आरटीए को नोडल ऑफिसर किया नियुक्त

मरीजों से मनमानी वसूली कर रहे एंबुलेंस चालकों पर प्रशासन ने नकेल कसना शुरू कर दिया है। लगातार ज्यादा राशि वसूली की आ रही शिकायतों को देखते हुए अब एंबुलेंस पर जीपीएस सिस्टम लगाना जरूरी कर दिया है। एंबुलेंस की लाइव लोकेशन और तय की दूरी की निगरानी की जाएगी। एंबुलेंस के रेट में प्रशासन ने एक बार फिर से अमेंडमेंट कर दिया है।

चालक नई दर के तहत लोगों से चार्ज कर सकेंगे। साथ ही अगर इस नए रेट से अधिक की वसूली अब कोई करता पाया जाएगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। डीसी कैंप और सरल केंद्र में कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। नोडल अधिकारी आरटीए सचित के नेतृत्व में लगातार निगरानी होगी।

एंबुलेंस की वास्तविक लोकेशन भी इस कंट्रोल रूम में जीपीएस के माध्यम से देखी जा सकेगी। जिससे एंबुलेंस चालक झूठ नहीं बोल पाएगा कि वह कहीं पर व्यस्त है। कोरोना वायरस संक्रमण बढ़ने के साथ ही एंबुलेंस किराए को लेकर विवाद और शिकायतें सामने आ रही हैं। एंबुलेंस एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि रेट बहुत कम है, जिसकी वजह से नुकसान हो रहा है।

प्रशासन ने करीब एक पखवाड़े पहले रेट संशोधित किया था। इससे भी एंबुलेंस चालक संतुष्ट नहीं हुए। जिसके बाद कमेटी के समक्ष सभी ने बातें रखी। जिसे मानते हुए प्रशासन ने दोबारा से रेट जारी कर गाइड लाइन भी जारी की है। जिसके अनुरूप ही चालकाें को परिचालन करना होगा। निगरानी के लिए आरटीए अधिकारियों की ड्यूटी और कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है।

यह हुई नई व्यवस्था : कंट्रोल रूम से रखी जाएगी नजर

एंबुलेंस चालकों को मरीजों और परिजनों से मैत्रीपूर्ण व्यवहार करना होगा। जिसकी जिम्मेदारी जिला कोविड-19 कंट्रोल रूम को संभालने वाले आरटीए सेक्रेटरी मानव मलिक की होगी। प्रशासन द्वारा 1950, 7494871950, 0130-2221500 नंबर जारी किया गया है।

मानव मलिक और उनकी टीम पूरे मामले पर नजर रखेगी। अगर किसी को असुविधा होती है तो उसके समाधान की जिम्मेदारी होगी। मानव मलिक को भी कोई गड़बड़ी होने पर पीड़ित 8930001332 पर भी संपर्क कर सकता है। यह बतौर नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।

मीटिंग में रेट हुआ रिवाइज

20 मई को जिला प्रशासन ने प्राइवेट एंबुलेंस चालक, एडीसी और सिविल सर्जन की मौजूदगी में रेट को लेकर बैठक हुई थी। जिसमें सभी की बातें सुनई गई और कमेटी के सदस्यों को भी चालकों की डिमांड जायज लगी। जिसके बाद कमेटी ने चालकों से विमर्श कर नया रेट फाइनल किया गया। सभी ने सेवाएं देने के लिए हामी भरी इसके बाद फाइल को डीसी के पास भेज दिया गया। डीसी ने 24 मई के आदेश में इस पर मुहर लगा दी है।

उल्लंघन करने पर यह कार्रवाई होगी

आरटीए के इंसपेक्टर राजेश मलिक ने बताया कि निर्धारित रेट से अधिक की वसूली करने वाले एंबुलेंस चालकों पर कार्रवाई का प्रावधान भी है। जिसके तहत एंबुलेंस चालक का लाइसेंस कैंसिल किया जा सकता है। इसके अलावा एंबुलेंस रजिस्ट्रेशन सर्टीफिकेट कैंसिल, वाहनों को इंपाउंड जिसके साथ ही 50 हजार रुपए का जुर्माना भी हो सकता है। एंबुलेंस चालकों को नियमों की पालन करना होगा।

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