आंगनबाड़ी वर्कर्स ने प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा:आंगनबाड़ी वर्कर और सहायिकाओं ने मंगलवार को डीसी कार्यालय परिसर में नारेबाजी कर रोष जताया

सोनीपतएक महीने पहले
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आंगनबाड़ी कर्मियों ने मांग की कि आईसीडीएस में खाली पड़े हैल्परो, वर्करों, सुपरवाइजर, सीडीपीओ, पीओ आदि के तमाम पदों को भरा जाए। ताकि विभाग के काम का संचालन ठीक प्रकार से हो सके। आईसीडीएस की 6 सेवाओं तथा पांच उद्देश्य से अलग कोई कार्य नहीं लिया जाना चाहिए। आंगनबाड़ी कर्मियों पर बने रोड जाम के मुकदमे निरस्त किए जाएं, सभी वर्कर्स एवं हेल्पर्स को ईएसआई एंव पीएफ के तहत कवर किया जाए एवं तुरंत इनके खाते खोले जाए, वर्कर्स व हेल्पर्स को मेडिकल अवकाश दिया जाए, ईंधन की राशि को बढ़ाया जाए या सिलेंडर विभाग भरवा कर दे, तब तक सूखा राशन देने की व्यवस्था जारी रहे, मिनी आंगनवाड़ी केंद्र में हेल्पर की भर्ती की जाए, आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स के लिए गर्मी व सर्दी का अवकाश लागू किया जाए। आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स की अपनी मांगों को लेकर 5 दिसंबर से हड़ताल पर हैं। सरकार द्वारा संज्ञान न लेने पर वर्करों में भारी रोष है। मंगलवार को प्रदर्शन के दौरान कर्मियों ने कहा कि मांगे पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों को सीटू के जिला प्रधान आनंद शर्मा, एआईटीयूसी के राज्य उपाध्यक्ष ईश्वर सिंह राठी, अखिल भारतीय किसान सभा हरियाणा के उपाध्यक्ष श्रद्धानंद सोलंकी, किसान यूनियन के लीगल सेल चेयरमैन ब्रहम सिंह दहिया, प्रताप सिंह, यूनियन के नेता सरोज, गीता, बाला, संतोष, पिंकी, बबीता, सुनीता, कविता, उषा, सरिता, कांता, छोटा, कृष्णा, सुनील, भारती, अनीता आदि ने मांगों पर चर्चा करते हुए कहा कि आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, जब तक कर्मचारी नहीं बनाया जाता, तब तक न्यूनतम वेतन वर्कर्स को 24 हजार व हेल्पर्स को 16 हजार दिया जाए, 2018 में की गई घोषणाओं को लागू करते हुए महंगाई भत्ते की तमाम किस्ते मानदेय में जोड़ कर दिया जाए, महंगाई भत्ते का बकाया एरियर भी तुरंत दिया जाए, विभाग द्वारा बिना फोन व अन्य संसाधन दिए वर्कर्स पर ऑनलाइन का काम ना करवाया जाए आदि विभिन्न मांगों को मांग पत्र सौंपा।

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