प्रशासन की सख्ती:धान के अवशेषों व पराली जलाने पर प्रतिबंध, धारा-144 लागू

सोनीपत2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

जिले में धान फसल कटाई के बाद अवशेष पराली जलाने पर पाबंदी लगा दी गई है। एनजीटी के निर्देशों की सख्ती से पालना हेतू धान के अवशेषों तथा पराली के जलाने पर प्रतिबंध लगाते हुए जिलाधीश ने भारतीय दण्ड संहिता 1973 की धारा 144 के आदेश जारी किए हैं। धारा-144 के अंतर्गत कोई भी किसान पराली का जलाता है तो उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की 188 संपठित वायु बचाव एवं प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम 1981 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। सोनीपत में गुरुवार को एक्यूआई का स्तर 208 रहा।

पिछले साल जिले में पराली जलाने के 23 मामले सामने आए थे। जिलाधीश उपायुक्त सिवाच ने कहा कि धान की फसल की कटाई शुरू हो चुकी है। जिसके चलते किसान धान की कटाई के बाद बचे हुए अवशेषों को जला देते हैं। इससे उत्पन्न धुआं वातावरण में फैल जाता है जिसके कारण आमजन के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। इसके अलावा पराली की आगजनी की घटनाओं से संपत्ति तथा मानव जीवन की हानि की संभावना को इंकार नहीं किया जा सकता।

खबरें और भी हैं...