मरम्मत / स्कूलों में होगी मरम्मत और व्यवस्था दुरुस्ती पर बजट मिला कम

X

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 05:00 AM IST

सोनीपत. लॉकडाउन के बाद जुलाई में स्कूलों के खुलने की उम्मीद है। इस दौरान बरसात की वजह से छात्रों को स्कूल में बैठने में कोई परेशानी न हो इसका विशेष ध्यान प्रबंधन की ओर से रखा जाएगा। ऐसे में शिक्षा निदेशालय ने आदेश दिया है कि इन दिनों स्कूल में प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ सफाई और मरम्मत करा ली जाए, ताकि जब भी स्कूल खोलने का आदेश आए तब तैयारियों की वजह से देर न हो। अधिकांश राजकीय स्कूलों के सामने समस्या यह है कि विभाग की ओर से उन्हें महज थोड़ा सा बजट मरम्मत के लिए दिया गया है। जिसमें स्कूल को सैनिटाइज को किया जा सकता है, लेेकिन मरम्मत नहीं। विभाग की ओर से  शिक्षा निदेशालय की ओर से साबुन, सैनिटाइजेशन, मास्क, हैंडवॉश, टॉयलट क्लीनर आदि खरीदने के लिए 2500 से 4000 रुपये की राशि जारी की जा रही है। 

स्कूल मुखियाओँ के लिए यह दिए गए हैं निर्देश स्कूल परिसर की प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय, अन्य संसाधन, कक्षा के साथ-साथ परिसर के दरवाजे इत्यादि खोलकर देखने होंगे कि लॉकडाउन के दौरान बंद स्कूल में बरसात व अन्य कारणों से कोई क्षति तो नहीं है। इसके लिए समुचित व्यवस्था स्कूलों को करनी होगी।

बुलावे पर अध्यापक को आना होगा स्कूल
सरकारी स्कूलों में प्रशासनिक काम निपटाने के लिए कार्यालयों को खोला गया है जिसमें नियमों के अनुसार ही कर्मचारी उपस्थित रहेंगे। हालांकि अनिवार्य प्रशासनिक कार्यों जैसे दाखिला, मिड-डे मील के राशन का वितरण, पाठ्य-पुस्तकों का वितरण आदि के लिए अगर स्कूल का मुखिया किसी अध्यापक को ड्यूटी पर बुलाता है तो उसे आना होगा। स्कूल मुखिया और अन्य कर्मचारियों को मास्क लगाना अनिवार्य है, साथ ही सैनिटाइजर और हाथ धोने की व्यवस्था करना भी, ताकि कार्यालय में कर्मचारी सैनिटाइजर का उपयोग कर सकें या साबुन से बार-बार हाथ धो सकें। स्कूलों के कार्यालयों और अनिवार्य फर्नीचर और कक्ष को सैनिटाइज भी कराना होगा।

पूछा जाएगा आखिर क्यों की नकल
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड परीक्षाओं के अनुसूचित संबंधित मामलों में सुनवाई इस बार ऑनलाइन की जाएगी। छात्रों को बोर्ड कार्यालय में नहीं आना पड़ेगा, बल्कि एक प्रोफार्मा के आधार पर ही ऑनलाइन जवाब देना होगा कि नकल का सहारा क्यों लिया। इस बार बोर्ड परीक्षा में सोनीपत के 179 परीक्षार्थियों पर अनुचित साधन संबंधी केस दर्ज किए गए थे, लेकिन कोविड-19 के कारण यूएमसी वाले परीक्षार्थियों को सुनवाई के लिए बोर्ड मुख्यालय बुलाया जाना संभव नहीं है। ऐसे में नियमित परीक्षार्थियों को उनके स्कूल मुखिया की ई-मेल पर यूएमसी प्रोफार्मा भेजा गया है। स्कूल मुखिया यूएमसी वाले परीक्षार्थियों को अवगत कराएंगे कि प्रोफार्मा भरकर शिक्षा बोर्ड की ईमेल आईडी या व्हाट्सएप नंबर 8816840349 पर 27 मई तक भेजना है। नियमित छात्र बोर्ड की वेबसाइट पर यूएमसी परीक्षार्थियों की सूची देख सकते हैं। जवाब न देने पर छात्र को अनुपस्थित माना जाएगा।

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना