गड़बड़झाला:कस्टोडियन ने ‌15 करोड़ की नगर निगम की जमीन को डेढ़ करोड़ में बेचा

सोनीपत2 महीने पहलेलेखक: अनिल बंसल
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सोनीपत. आईटीआई चौक पास बाल सुधार गृह के सामने पड़ी जमीन। - Dainik Bhaskar
सोनीपत. आईटीआई चौक पास बाल सुधार गृह के सामने पड़ी जमीन।
  • बाल सुधार घर के सामने की जमीन पर विवाद, गृह मंत्री के आदेश पर डीसी करवाएंगे जांच, जांच के बाद होगा निर्माण

शहर में सरकारी जमीन के खरीद फरोख्त में बड़े गड़बड़झाले का मामला सामने आया है। आईटीआई चौक पास बाल सुधार गृह के सामने शहर की प्राइम लोकेशन पर स्थित करीब तीन हजार गज जमीन की खरीद को लेकर खुद गृह मंत्री एवं शहरी निकाय मंत्री ने संज्ञान लिया है।

डीसी को जारी पत्र में कहा गया कि जमीन नगर निगम की है, उसे कस्टोडियन ने करीब डेढ़ करोड़ रुपए में बेच दिया है। जमीन की मार्केट कीमत 15 करोड़ से अधिक बताई है। उन्होंने इस मामले में डीसी को जांच कर दस दिन में रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। तब तक जमीन पर कोई निर्माण कार्य नहीं हो सकेगा।

आईटीआई चौक के पास बोस्टल जेल के सामने करीब 3 हजार गज जमीन का मामला काफी समय से विवादों में हैं। शहरी निकाय मंत्री को मिली सूचना में यह जमीन शहरी निकाय विभाग के अंतर्गत आती है, जिसे कस्टोडियन विभाग ने मनमर्जी से मौजूदा मार्केट रेट से ही कम राशि पर जमीन को बेच दिया गया। बताया गया है जिन्हें यह जमीन दी गई है पूर्व में उनका जमीन पर अवैध कब्जा था। काेर्ट में भी यही कहा गया।

मामले की जांच कर 10 दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए : डीसी

डीसी को जारी पत्र में अनिल विज की ओर से कहा गया है कि मेरे ध्यान में आया है कि सोनीपत शहर में बच्चों की जेल के सामने लगभग तीन हजार गज जमीन जो नगर निगम की थी। इस जमीन को कस्टोडियन विभाग ने मात्र डेढ़ करोड़ रुपए में बेच दिया है। जबकि इसकी बाजार कीमत करीब 15 करोड़ से भी ज्यादा है। इस मामले की जांच कर 10 दिन के अंदर रिपोर्ट मेरे कार्यालय में प्रस्तुत की जाए तथा जांच होने तक जमीन पर चल रहे निर्माण कार्य को रोका जाए।

कस्टोडियन विभाग की ओर से यह है स्टाेरी

कस्टोडियन विभाग की ओर से अधिकारियों का कहना है कि जमीन उन्हें ही दी गई है जिनका पूर्व में इस पर कब्जा था। संबंधित लोगों ने इसे विभाग में खरीद के लिए आवेदन किया। जिसके बाद पटवारी से रेट की वेरिफिकेशन करवाई गई। जमाबंदी भी इस दौरान जांची गई।

रेट के बाद तहसीलदार ने रिपोर्ट डीसी कार्यालय में भेजी। जिसे डीसी ने भी इस पर मंजूरी दी गई। इसके बाद 30 लाख रुपए जमा हुए। इसके बाद पटवारी ने इस पर करीब एक करोड़ 60 लाख रुपए रेट बताया। यही रेट डीसी को भेजा गया। विभाग को इससे करीब दो करोड़ रुपए की राशि मिली।

इस मामले में सरकार के आदेशों की पालना होगी। इसकी विस्तृत जांच की जाएगी। जांच के उपरांत ही आवश्यक कार्रवाई होगी।

ललित सिवाच, डीसी, सोनीपत।

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