डेंगू से ज्यादा जांच का डंक:7 निजी लैब के पास ही एलाइजा किट, 70 प्रतिशत कार्ड से कर रहे हैं डेंगू जांच

सोनीपत16 दिन पहले
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  • वसूली- जांच का रेट ‌600 तय, निजी लैब ले रहीं 700 से ज्यादा, रेट लिस्ट भी नहीं लगाई
  • मनमानी- संदिग्ध बताकर निजी अस्पताल कर रहे इलाज, विभाग को नहीं दे रहे रिपोर्ट

जिले में डेंगू के इलाज के नाम पर कमाई का खेल शुरू हो गया है। प्राइवेट लैब टेस्ट के लिए निर्धारित से ज्यादा चार्ज कर रहे हैं, निजी अस्पताल डेंगू सस्पेक्टेड बताकर महंगा इलाज कर रहे हैं और सैंपल सरकारी अस्पताल नहीं भेज रहे हैं। जबकि डेंगू वहीं से कन्फर्म होगा। इससे डेंगू मरीजों की संख्या कम दिख रही है, लेकिन अस्पतालों में इलाज के लिए मरीज अधिक हैं।

स्वास्थ्य विभाग हेल्थ इंस्पेक्टर (एचआई) ने जांच गुड़मंडी स्थित एक लैब पर जांच की तो वहां 600 रुपए की बजाय मरीज से 700 रुपए लिए जा रहे थे। उन्होंने लैब कर्मचारी से सवाल किए तो जवाब मिला वह जांच दिल्ली से करवाते हैं। जबकि सैंपल नागरिक अस्पताल भेजना है। कई लैब में रेट लिस्ट नहीं लगी थी। निजी लैबों में जितने सैंपलों की जांच हो रही है, उसके आधे भी सरकारी लैब नहीं भेजे जा रहे हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू जांच के लिए 600 रुपए रेट तय किए हैं। साथ ही गाइड लाइन जारी की गई है कि डेंगू की पुष्टि सरकारी अस्पताल की जांच के बाद होगी। इसके लिए निजी अस्पतालों और लैब को सैंपल सरकारी अस्पताल भेजने होंगे। लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। दो माह में सरकारी अस्पताल में मात्र 495 सैंपल आए हैं। स्वास्थ्य विभाग के आकड़े के अनुसार िजले में अभी तक 28 डेंगू मिले हैं। इसमें कोई सरकारी अस्पताल में भर्ती नहीं है।

70 प्रतिशत अस्पताल व लैब में मनमानी

निजी अस्पताल मरीजों को सस्पेक्टेड बताकर इलाज शुरू कर दिया जाता है। इसका निजी लैब कार्ड से जांच करते हैं। ऐसे में मरीजों को महंगा इलाज किया जा रहा है। बाद में रिपोर्ट अगर कन्फर्म हुई इलाज और महंगा हो जाएगा। ऐसा एक दो अस्पताल नहीं बल्कि 70% अस्पताल कर रहे हैं। जबकि अधिकांश की जांच कार्ड से हो रही। इसी लिए इनके सैंपल सरकारी लैब भेजने और एलाइजा टेस्ट कराने की व्यवस्था की गई है।

5 बड़ी लैब में नहीं मिली रेट लिस्ट

शहर की 5 बड़ी लैब को देखा गया तो यहां डेंगू जांच की रेट लिस्ट नहीं थी। शहर के गोहाना रोड फ्लाई ओवर के पास, सेक्टर-14 स्थित निजी लैब पर यह हालात थे। यहां अब तक करीब 600 लोग डेंगू की जांच करवा चुके हैं।

जांच की यह है स्थिति : 30 लैब कार्ड से टेस्ट कर रही हैं, एलाइजा मशीन 7 के पास

विभाग कार्ड से हुए टेस्ट को सही नहीं मानता है। डेंगू की पुष्टि के लिए एलाइजा किट से जांच जरूरी है। इसमें रिपोर्ट पॉजिटिव मिलती है तो डेंगू कंफर्म है। इसलिए कार्ड से टेस्ट हुए सैंपल को जिला अस्पताल भेजा जाना जरूरी है। यहां जांच के बाद डेंगू कन्फर्म किया जाएगा, लेकिन जिले में 7 लैब के पास ही एलाइजा किट व मशीन की सुविधा। जबकि 30 लैब कार्ड से टेस्ट कर रहे। ये लैब डेंगू सस्पेक्टेड बता रहे हैं, लेकिन सही जांच के लिए नियमानुसार सैंपल जिला अस्पताल को नहीं भेज रहे हैं।

रिपोर्ट छुपाने पर होगी कार्रवाई

डेंगू जांच नागरिक अस्पताल में मुफ्त है। निजी लैब और अस्पतालों के लिए ‌~600 का रेट तय किया गया है। यदि इससे ज्यादा चार्ज करता है तो एक्शन लिया जाएगा। जांच रिपोर्ट छुपाने वालों पर भी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

डॉ. जयकिशोर, सिविल सर्जन सोनीपत।

डेंगू मरीजों के लिए काम की बात

  • सरकारी अस्पताल में डेंगू की जांच मुफ्त है, निजी लैब के लिए 600 रुपए तय किया गया है
  • नागरिक अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीजों के लिए प्लेटलेट्स मुफ्त है
  • डेंगू के लिए एलाइजा टेस्ट ही कराएं, कार्ड से जांच विश्वसनीय नहीं होती, स्वास्थ्य विभाग ने इसे मना किया है

दो साल बाद भी नहीं शुरू हुई ब्लड कंपोनेंट यूनिट

नागरिक अस्पताल में ब्लड कम्पोनेंट यूनिट स्थापित करने का प्रस्ताव दो साल से लटका है। जबकि डेंगू के मरीजों इसकी जरूरत पड़ती है। प्लेटलेट्स के लिए मरीज के अटेंडेंट को भटकना पड़ता है। जबकि निजी लैब से मरीजों को अधिक दाम देकर खरीदना पड़ता है। इसके लिए जगह की कमी बताई जा रही है। सिविल सर्जन डॉक्टर जयकिशोर ने बताया कि नागरिक अस्पताल व मेडिकल काॅलेज में इलाज करा रहे डेंगू के मरीजों को प्लेट्लेटस नि:शुल्क दी जाएगी।

प्लेटलेटस बढ़ाने के लिए यह करें

एचआई आनंद ने बताया कि डेंगू से डरने की जरूरत नहीं है। प्लेटलेटस कम होने पर तरल पदार्थ लें। गिलोये का व पपीते के पत्तों का रस, संतरा व कीवी फायदेमंद हैं।

3 दिन में 11 जगह मिला लार्वा

स्वास्थ्य विभाग की टीम को पिछले तीन दिन में टीम को 11 जगह पर लार्वा मिला है।

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