पटरी पर लौटने लगा कारोबार:पेट्राेल पंप से लेकर, ऑटो मोबाइल शोरूम व ढाबा को हाईवे सुचारू होने का इंतजार

सोनीपतएक महीने पहले
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कुंडली बॉर्डर से हट गई कंक्रीट की दीवार। आज से खुलेगा बॉर्डर। - Dainik Bhaskar
कुंडली बॉर्डर से हट गई कंक्रीट की दीवार। आज से खुलेगा बॉर्डर।

एक साल में 20 हजार करोड़ का नुकसान,

केएमपी-केजीपी से लेकर कुंडली बॉर्डर तक दस किलोमीटर पर आंदोलन की वजह से एनएच-44 रहा। कृषि कानूनों की वापसी की घोषणा और किसानों की मांग माने जाने पर आंदोलन समाप्ति पर अब हाईवे ट्रैफिक के लिए खोलने की तैयारी है। कोरोना की मार के साथ कुंडली का कारोबारी आंदोलन की मंदी झेल चुका। अब कारोबार पटरी पर लौटेगा। दस किलोमीटर के दायरे में इंडस्ट्रीज, ऑटो मोबाइल, मॉल, शोरूम, पेट्रोल पंप पर सेल्स और काम अब धीरे बढ़ने लगा है। पिछले एक साल में यहां 20 हजार करोड़ से अधिक का नुकसान हो चुका है। इंडस्ट्री में कच्चा माल के साथ नए ऑर्डर आने लगे हैं। बस हाईवे से 15 दिसंबर से आवागमन शुरू होगा।

इंडस्ट्रीज में माल लाने व ले जाने की दिक्कत होगी दूर
कुंडली इंडस्ट्रीज क्षेत्र में 1800 और इतनी ही राई क्षेत्र में इंडस्ट्रीज हैं। कच्चा माल लाने और तैयार माल भेजने की दिक्कत है। राई इंडस्ट्रीज एसोसिएशन प्रधान राकेश देवगन का कहना है कि इंडस्ट्रीज में दिक्कत रास्ते की थी। कुंडली में तो जाटी कलां, जाखौली आदि गांवों के छोटे रास्तों से छोटे वाहनों में माल भेजा जा रहा है। केजीपी-केमएपी पर कंटेनर लोड करने पड़ रहे। रॉ मेटेरियल की दिक्कत से प्रोडेक्शन कम होता है और ऑर्डर समय पर नहीं पहुंचने से कस्टमर टूटते चले गए। पेपर भी महंगा हो गया था। उम्मीद है अब काम दोबारा पटरी पर आएगा।

दो बड़े मॉल में 100 से अधिक शोरूम का खर्च तक नहीं निकला, अब सर्दी सीजन में कारोबार की उम्मीद

कुंडली में टीडीआई मॉल और पार्कर मॉल प्रमुख हैं। इसके अलाव अन्य शोरूम हैं। शोरूम चलाने वाले आकाश ने बताया कि आंदोलन से पहले दिसंबर में 60 लाख और जनवरी में 40 लाख के करीब सेल हुई थी। पिछले दिसंबर में 12 व जनवरी में 9 लाख की सेल हुई। किराया और कर्मचारियों का वेतन निकालना मुश्किल हो गया था। अब सर्दी सीजन के कारोबार की उम्मीद है। इन मॉल में 100 से अधिक शोरूम कोरोना के बाद अब आंदोलन का मंदा झेला है।

तेल की 22 हजार लीटर से 4 हजार लीटर आई सेल

पांच पेट्रोल पंप आंदोलन स्थल के दायरे में हैं। आंदोलन से पहले एक पेट्रोल पंप पर हर दिन करीब 20 से 22 हजार लीडर डीजल व पेट्रोल की सेल थी। अब यह 4 से छह हजार लीटर की रह गई थी। अब फिर यह बढ़ने लगी है। एक पंप के कर्मचारी रामधारी ने बताया कि हाइवे पर ट्रैफिक बढ़ेगा तो सेल भी बढ़ेगी।
अब श्रमिक लौटेंगे :

कुंडली में 2.50 लाख के करीब प्रवासी श्रमिक किराए पर रहते हैं। कोरोना में घर वापस गए श्रमिक 70 से 80 प्रतिशत तक लौट आए। इंडस्ट्रीज में अभी काम मंदी की वजह से पहले जैसा नहीं है और कुछ आंदोलन का प्रभाव है। लांडा कॉलोनी में रह रहे श्रमिक बिहार के श्यामसुंदर ने बताया कि फैक्ट्रियों से अब बुलावा आने लगा है। अब प्रवासी श्रमिक भी आएंगे।

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