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शिक्षा:हरियाणा बोर्ड ने 30% तो सीबीएसई ने 20% सिलेबस और घटाया

सोनीपत8 महीने पहले
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कोरोना महामारी के चलते प्रभावित हो रही स्कूली शिक्षा में विद्यार्थियों को राहत देने के लिए सीबीएसई ने एक बार फिर से राहत देने की तैयारी है। बोर्ड की ओर से 20 प्रतिशत और सिलेबस कम किया जा रहा है। इससे पहले जुलाई में बोर्ड की ओर से 30 प्रतिशत सिलेबस कम किया गया था। सीबीएसई की तर्ज पर हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने भी 30 प्रतिशत सिलेबस कम किया है, हालांकि हरियाणा बोर्ड ने ज्यादातर वे चैप्टर ही हटा दिए, जो पहले पढ़ाए जा चुके थे।

कोरोना संक्रमण की वजह से स्कूल लगातार बंद हैं। पहले सितंबर में स्कूल खुलने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन अब अक्टूबर में भी स्कूल खुलने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं। ऑनलाइन पढ़ाई भी नियमित रूप से नहीं हो पा रही है। जिस कारण विद्यार्थियों को समय पर सिलेबस पूरा न होने का डर सता रहा है। इसलिए अधिकारियों ने 10वीं व 12वीं के सिलेबस को 20 फीसद तक कम करने का निर्णय लिया है। वहीं अधिकांश स्कूलों में 35 से 40 फीसद तक छात्र ऑनलाइन पढ़ाई में शामिल नहीं है। जिस कारण भी उन पर पढ़ाई को लेकर बोझ पड़ रहा है।

30 प्रतिशत में इन चैप्टर को सीबीएसई ने हटाया

सीबीएसई 12वीं के पाठ्यक्रम में से भारत के अपने पड़ोसी देशों के साथ संबंध को हटा दिया गया है। इसके अलावा सामाजिक आंदोलनों, भारत के आर्थिक विकास की बदलती प्रकृति और योजना आयोग आदि पाठों को भी हटा दिया गया है। बिजनेस स्टडीज के स्टूडेंट्स भारत में उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण के विशेष संदर्भ के साथ व्यापार, सरकारीकरण, माल और सेवा कर की अवधारणा का अध्ययन नहीं करेंगे। इसके अलावा इतिहास के स्टूडेंट्स विभाजन, जमींदारों या किसानों के बारे में कुछ नहीं पढ़ेंगे।

वहीं 11वीं के अंग्रेजी के स्टूडेंट्स के पाठ्यक्रम में से एडिटर को लेटर लिखें और नौकरी के लिए रिज्यूम के साथ अप्लाई करें जैसी चीजों को हटा दिया गया है। कक्षा 10 के छात्रों के लिए समकालीन भारत में वनों और वन्य जीवन पर सामाजिक विज्ञान के चैप्टर को हटा दिया गया है। साथ ही लोकतंत्र और विविधता पर अध्याय, लिंग, धर्म और जाति, लोकप्रिय संघर्ष, आंदोलन और लोकतंत्र के लिए चुनौतियां आदि चैप्टर्स को भी पाठ्यक्रम से हटा दिया गया है।

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