आकड़ों मे फेरबदल:विभाग के रिकॉर्ड में 254 की काेरोना से मौत, सहायता के लिए 281 ने किया आवेदन

सोनीपत10 दिन पहले
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  • कई आवेदकों के पास जरूरी कागजात नहीं

सरकार ने कोरोना से अपनों को गंवाने वाले परिवारों को कुछ शर्तों के साथ आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है, लेकिन इसको पाने के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ रही है। उधर, इसके लिए आए आवेदन और स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में भारी अंतर से भी सवाल खड़ा हो रहा है।

स्वास्थ्य विभाग के आकड़ों में मात्र 254 लोगों की कोरोना से मौत दर्ज है, जबकि सहायता के लिए सीडब्ल्यूसी के माध्यम से 281 आवेदन आए हैं। हालांकि सीडब्ल्यूसी द्वारा कराए गए 163 आवेदनों के वेरिफिकेशन में 50 परिवार ही कोरोना से मौत होने का प्रमाण दे पाए हैं। उनके पास स्वास्थ्य विभाग की डिक्लेरेशन सर्टिफिकेट नहीं है।

लोगों का कहना है कि उन्हें जानकारी नहीं थी कि स्वास्थ्य विभाग कोई स्लिप दे रहा है। सहायता के लिए जारी शर्तों के अनुसार अभी तक मात्र तीन ही बच्चे चयनित हुए हैं। नियमानुसार उन्हीं बच्चों को आर्थिक सहायता मिलेगी जिनके माता पिता दोनों की मौत हुई है।

सरकार ने कोरोना महामारी में ऐसे परिवारों को मदद करने की घोषणा की थी, जिनके घर से कमाने वाले व्यक्ति की मौत हो गई है। बाद में इसकी गाइडलाइन में बदलाव करते हुए यह तय किया गया कि उन्हीं बच्चों को आर्थिक सहायता मिलेगी, जिनके माता पिता दोनों की कोरोना से मौत हो गई है। ऐसे बच्चों को आर्फन कहा गया है।

गाइडलाइन से जहां कई लोग सहायता से बाहर हो गए, वहीं मांगे जा रहे कागजातों के चलते भी लोग परेशान हो रहे हैं। वेरिफिकेशन में मृत्यु प्रमाण पत्र के साथ कोरोना से मौत का डिक्लेरेशन चिट या सर्टिफिकेट मांगी जा रही है। जो लोगों के पास नहीं है। उनका कहना है कि उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि स्वास्थ्य विभाग एेसा कोई प्रमाण पत्र जारी कर रहा था।

281 आवेदन मुआवजे के लिए मिले हैं

जिलेभर में 281 आवेदन मिले हैं। जांच में अभी तक 50 लोग ही साक्ष्य प्रस्तुत कर पाए हैं। हालांकि सभी ने साक्ष्य मुहैया कराने को कहा है। लेकिन पॉलिसी के अनुसार केवल ऑर्फन को ही मदद दी जा रही है। अन्य के लिए अभी तक सरकार से कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है।

अनीता शर्मा, चेयरपर्सन सीडब्ल्यूसी सोनीपत।

कमेटी को दे रिपोर्ट

कोरोना से जिले में 254 मौत हुई है। जो मौत किसी कारण वश नहीं चढ़ी उसके लिए प्रशासनिक स्तर पर ऑडिट कमेटी बनी हुई है। यहां पहुंचकर कोरोना से मौत होने की जानकारी दी जा सकती है। इसकी बाद जांच की जाएगी।

डॉ. दिनेश छिल्लर, डिप्टी सिविल सर्जन सोनीपत।

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