गली में तूड़ा डालने को लेकर हुआ था विवाद:हत्या के दोषी पति-पत्नी, बेटे सहित 5 को उम्रकैद, 60-60 हजार रुपए किया जुर्माना

सोनीपत9 दिन पहले
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बुजुर्ग की हत्या के मामले में सुनवाई करते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश देविंद्र सिंह की अदालत ने पांच आरोपियों को दोषी करार दिया है। गली में तूड़ा डालने को लेकर हुए विवाद में घायल बुजुर्ग की पीजीआई रोहतक में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। दोषियों में दंपती, उनका बेटा, भाई व एक अन्य शामिल है। सभी दोषियों पर कोर्ट ने 60-60 हजार रुपए जुर्माना भी किया गया है।

रिंढाना निवासी राजेश ने 3 मई, 2017 को बरोदा थाना पुलिस को शिकायत देकर बताया था कि उसका पिता जगबीर (60) 24 अप्रैल, 2017 को तूडा लेकर आया था। जिस पर उनके पड़ोसी बारूराम ने गली में तूड़ा उतारने से मना कर दिया था। जिस पर उसके पिता ने गांव के ईश्वर से अनुमति लेकर उनके प्लाट के आगे तूड़ा उतारना शुरू कर दिया था। तूड़ा गली में फैल गया था। इसी बात को लेकर बारूराम ने उसके पिता के साथ गाली-गलौज की थी। बाद में वह अपने घर चला गया था। बारूराम अपने बेटे कुलदीप, पत्नी निर्मला, नाबालिग बेटे, तथा अपने भाई छोटू और देवेंद्र उर्फ गोला के साथ आया था।

उन्होंने उसके पिता पर लाठी, डंडों व कस्सी से हमला कर घायल कर दिया था। हमले में राजेश के परिवार के अन्य सदस्यों को भी चोट लगी थी। वहीं दूसरे पक्ष को भी चोट लगी थी। जगबीर का अस्पताल में उपचार कराया गया। उपचार के बाद सभी वापस आ गए थे। इसके बाद ग्रामीणों ने पंचायती तौर पर समझौता कराने का प्रयास भी किया। लेकिन उसके पिता जगबीर की 1 मई, 2017 को फिर से हालत बिगड़ गई। उनके सिर में चोट के चलते उन्हें दर्द हो रहा था। उनकी पीजीआई रोहतक में उपचार के दौरान मौत हो गई।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला कि जगबीर की मौत चोट के चलते हुई है। पुलिस ने 3 मई, 2017 को मृतक जगबीर के बेटे राजेश कुमार की शिकायत व पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के आधार पर बारूराम सहित छह लोगों के खिलाफ मारपीट व हत्या का केस दर्ज कर लिया था। पुलिस ने मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। आरोपियों में बारुराम का एक बेटा नाबालिग मिला था। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद हथियार बरामद कर लिए थे।

अब मामले की सुनवाई के बाद शुक्रवार को एएसजे देविंद्र सिंह की अदालत ने बारूराम, उसकी पत्नी निर्मला, बेटे कुलदीप, भाई छोटू तथा पांचवें आरोपी देवेंद्र उर्फ गोला को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषियों में भादंसं की धारा 302 में उम्रकैद व 50 हजार रुपए जुर्माना, 323 में एक साल कैद व 5 हजार रुपए जुर्माना तथा 148-149 में दो साल कैद व 5 हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनाई है। दोषियों को जुर्माना न देने की सूरत में डेढ़ साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।

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