अधर में लटकी डेयरिंग शिफ्टिंग योजना:नगर निगम की टीम कचरा उठाने के साथ ही डेयरी से उठाएगी गोबर

सोनीपत15 दिन पहले
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शहर में सीवरेज व्यवस्था की बदहाली का मुख्य कारण पशु डेयरियां हैं। नगर निगम डेयरी शहर से बाहर शिफ्ट नहीं कर पाया है। अब व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए सीवर में गोबर बहाने वालों के चालान काटे जाएंगे। वहीं नगर निगम की कचरा उठान टीम डेयरी से खुद गोबर लेकर जाएगी। लंबे समय से अधर में लटकी डेयरिंग शिफ्टिंग योजना को फिर सिरे चढ़ाने की कवायद भी शुरू की गई है।

इसके लिए निदेशालय में फाइल भेज दी गई है। इसके लिए दस करोड़ रुपए की मंजूरी मांगी गई है। निदेशालय से मंजूरी मिलने के बाद अगले महीने से प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी। सोनीपत शहर में ही 220 से अधिक पशु डेयरी और गोशालाएं हैं। घरों में 4 से 5 भैंस रखने वाले पशुपालकों की संख्या तो तीन हजार से अधिक हैं। इसका सर्वे नगर निगम कर चुका है।

एनजीटी का भी डेयरी की गंदगी को लेकर दिशा निर्देश पहले दिए जा चुके हैं। फिर भी 17 साल से यहां डेयरी शिफ्टिंग योजना अधर में हैं। नगर निगम की विभिन्न टीमों की ओर से एक रिपोर्ट दी, जिसमें बताया गया कि हर रोज निकलने वाले गोबर ने न केवल सीवरेज सिस्टम ब्लॉक हो रहा है। क्योंकि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की गाइड लाइन हैं कि एसटीपी पर सीवरेज के पानी का ट्रीटमेंट किया जाए। गोबर मिलने से सीवरेज के पानी का ट्रीटमेंट नहीं हो पाता।

2001 में बनी थी डेयरी शिफ्टिंग की योजना

नालियों में बहाया जा रहा है। शहर को स्वच्छ बनाने के लिए इनेलो सरकार ने वर्ष 2001 में डेयरी शिफ्टिंग योजना तैयार की थी। निगम की ओर से हरसाना एवं देवड़ू मार्ग पर डेयरियों के लिए प्लॉटिंग कर सड़क बना जगह तय कर दी गई है। शहर में रेलवे लाइन के दोनों दिशा में चल रही दूध की डेयरियों को स्थानान्तरित करने के लिए वर्ष 2003 में हरसाना में 128 कनाल 11 मरला जमीन पंचायत से नगर नालियों में बहाया जा रहा है।

देवड़ू में शुरू होगी पहली डेयरी शिफ्टिंग की योजना

नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि डेयरी शिफ्टिंग की योजना में अब बदलाव किया गया है। जिसके अंतर्गत हरसाना से पहले देवड़ू में डेयरी शिफ्ट की जाएगी। व्यवस्था के संचालन के लिए 10 करोड़ रुपए के बजट की मंजूरी मांगी गई है। योजना के तहत देवड़ू गांव में 250 प्लाट काटे गए हैं, जिनमें 300 वर्ग गज से नीचे 25, 300-400 वर्ग गज के बीच 156, 400-500 वर्गगज के बीच के 41 प्लॉट शामिल हैं। वहीं 500 वर्गगज से उपर के 28 प्लाट बनाए गए हैं।

पशुओं का पंजीकरण अनिवार्य करेगा निगम

गोबर के कारण शहर का सीवरेज सिस्टम पूरी तरह ठप हो गया है। इसलिए गाय, भैंस, सांड व झोटे का पंजीकरण किया जाएगा। जिन्होंने पंजीकरण नहीं करवाया उनके पशु को जब्त कर जुर्माना लगाया जाएगा। नगर निगम की ओर से गोबर को ले जाने की व्यवस्था की जाएगी। - साहब सिंह, सीएसआई, नगर निगम, सोनीपत।

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