आवारा कुत्ताें से शहरवासी परेशान:अभिभावकों ने बच्चों का घर से बाहर निकलना किया बंद

सोनीपत5 दिन पहले
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आठ मरला में कुत्तों का आपसी झगड़ा राहगिरों के लिए परेशानी की वजह बनता है। - Dainik Bhaskar
आठ मरला में कुत्तों का आपसी झगड़ा राहगिरों के लिए परेशानी की वजह बनता है।

शहर की विभिन्न कॉलोनी में आवारा कुत्तों का आतंक इस कदर बढ़ गया कि लोगों का घर से बाहर निकलना दूभर हो गया है। कई जगह आवारा कुत्तें बच्चों को काट कर घायल कर चुके हैं। इसके बाद भी नगर निगम ने इन कुत्तों से लोगों को राहत दिलाने के लिए आश्वासन से आगे नहीं बढ़ पा रहा है। आवारा कुत्तों के हमले के भय से छोटे बच्चों का बाहर खेलना भी बंद हो गया है। कई अभिभावक अपने बच्चों को कुत्तों के भय से ट्यूशन भेजने में भी चिंतित रहते हैं। बीते एक सप्ताह से शहर के विभिन्न जगह में आए दिन आवारा कुत्तों के काटने की घटना हो रही हैं।

पिछले दिनों यहां वार्ड 12 में 8 साल की बच्चे हेमेंत को घर के सामने खेलते हुए आवारा कुत्तों ने अचानक हमला कर काट लिया था। आठ मरला में ट्यूशन आते-जाते बच्चों पर हमला करते हैं। कुर्ते झुंड में झपट्टा मारते हैं, जिससे बच्चों में डर पनप रहा है। आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ जाने से उन्हें हर समय घर के दरवाजे बंद रखने पड़ रहे हैं। इन दिनों आवारा कुत्तों की अचानक भीड़ टूट पड़ने से बच्चों का भी घर के बाहर खेलना और घूमना बंद हो गया है।

यहां प्रेम नगर में कुत्तों के झुंड ने हिंदू गर्ल्स कॉलेज से आ रही एक छात्रा पर झपटा मार उसे गिरा दिया था शहर में आठ मरला, इंदिरा कॉलोनी, जीवन विहार, कबीरपुर, हाउसिंग बोर्ड कालोनी, वैक्सीन कालोनी, सेक्टर 23, ककरोई रोड, पुरखास रोड, देवडू रोड आदि क्षेत्र में आवारा कुत्तों की सबसे ज्यादा परेशानी है।

इन नियमों पर खरा नहीं उतर रहा निगम प्रशासन

  • नगर निगम व उसके साथ काम करने वाले एनजीओ आवारा कुत्तों की शिकायत मिलने पर उन्हें पकड़ कर उनकी नसबंदी व टीकाकरण कर उन्हें वापस उसी एरिया में छोड़ देते हैं, जहां से उन्हें उठाया जाता है।
  • यह निगम की जिम्मेदारी है कि वह आवारा कुत्तों को पकड़ने के बाद उनकी नसबंदी के साथ-साथ उनका टीकाकरण भी करे ताकि रैबीज जैसी जानलेवा बीमारी को फैलने से रोका जा सके।
  • निगम की यह भी जिम्मेदारी है कि वह आवारा कुत्तों को ‘फीड’ (खाना खिलाने) कराने के लिए एक जगह जरूर तय करे।
  • स्ट्रीट डॉग को ट्रीट (बर्ताव) करने के तौर-तरीकों के बारे में जागरूकता फैलाना सरकार की जिम्मेदारी है।
  • कुत्ता चाहे आवारा हो या पालतू, यदि उसका टीकाकरण नहीं हुआ है तो उसके काटने से रेबीज होने की आशंका बराबर बनी रहती है।
  • पालतू कुत्तों का टीकाकरण करा कर निगम के जोन में उसका रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है।
  • पालतू कुत्ते सड़क को गंदा न करे, यह तय करना उसके मालिक की जिम्मेदारी है। अगर कुत्ते ने सड़क को गंदा कर दिया है तो उसकी सफाई आदि की व्यवस्था करना भी उसकी ही जिम्मेदारी है।
  • हेल्पलाइन
  • आवारा कुत्तों से तंग आने पर निगम के कंट्रोल रूम 18001808101 में आप अपनी शिकायत दे सकते हैं। निगम की ओर से इसकी जिम्मेदारी जोगेन्द्र सिंह को सौंपी गई है।

आवारा कुत्तों को लेकर नगर निगम सिर्फ उनकी नसबंदी ही कर सकता है। वह की जा रही है। निगम की ओर से अब तक करीब तीन सौ की नसबंदी करवाई भी जा चुकी है। अभी भी यह प्रक्रिया जारी है। अगर किसी को कोई समस्या है तो वह शिकायत कर सकता है। -जोगेन्द्र सिंह,एसआई नगर निगम, सोनीपत

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