जींस रंगाई की 10 फैक्ट्रियां सील:बिजली कनेक्शन कटेंगे; सोनीपत में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्रवाई, ड्रेन से पानी के सैंपल लेकर जांच को भेजे

सोनीपत7 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

हरियाणा के सोनीपत में जींस रंगाई की 10 फैक्ट्रियों के बिजली कनेक्शन काटने के आदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दिए हैं। बिजली निगम से कहा गया है कि इनके मीटर जब्त कर बिजली कनेक्शन लेने वाले व्यक्तियों का ब्यौरा दे ताकि उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। असल में जांच टीम ने पाया कि इन फैक्ट्रियों का दूषित जल बिना शोधित किए ही ड्रेन में बहाया जा रहा था। कुछ को पहले सील किया गया था, लेकिन इनके मालिकों ने सील तोड़ कर पुन: काम शुरू कर दिया। अब इन पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी है।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने रिवर यमुना मॉनिटरिंग कमेटी के सदस्यों और हरियाणा स्टेट एनवायरन्मेंटल सर्विलांस टास्क फोर्स के साथ मंगलवार को औद्योगिक क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने बड़ी औद्योगिक क्षेत्र और प्याऊ मनियारी क्षेत्र की फैक्ट्रियों से निकलने वाली अपशिष्ट पानी के सैंपल लिए। प्याऊ मनियारी में जींस रंगाई की 10 फैक्ट्रियों को बंद कराने का निर्णय लिया गया है। वहीं बड़ी क्षेत्र से पानी के सैंपल लेकर जांच को भेजे गए हैं।

ड्रेन में डाला जा रहा फैक्ट्रियों का दूषित पानी।
ड्रेन में डाला जा रहा फैक्ट्रियों का दूषित पानी।

चलती मिली सील हो चुकी फैक्ट्रियां

सामाजिक कार्यकर्ता वरुण गुलाटी की शिकायत के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की प्याऊ मनियारी में पहुंची टीम ने जींस रंगाई की 10 फैक्ट्रियों का दूषित पानी सीधे ड्रेन में डाला जाता मिला। इन फैक्ट्रियों में दूषित पानी को शोधित करने के लिए ट्रिटमैंट प्लांट भी नहीं लगे मिले। कुछ को पहले ही सील किया जा चुका है। मालिकों ने पीछे से सील तोड़कर इनको दोबारा चला दिया। अब इन फैक्ट्रियों के बिजली कनेक्शन काटने के आदेश बिजली निगम को दिए गए हैं। उनके मीटर जब्त करने और मालिकों के नाम-पते प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को उपलब्ध कराने को बोला गया है। इसके बाद फैक्टरी के संचालकों पर कार्रवाई की जाएगी।

बड़ी क्षेत्र में ड्रेन में छोड़ा गंदा पानी

जांच टीम ने बाद में बड़ी औद्योगिक क्षेत्र में जाकर वहां फैक्ट्रियों द्वारा बिना शोधित किए ड्रेन में छोड़े जा रहे दूषित पानी के सैंपल लिए। हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम के दो सदस्य डा. पीके दास और डा. जेपी सिंह की टीम ने सीवरेज ट्रिटमैंट प्लांट और भोगीपूर गांव में पहुंचकर ड्रेन में जा रहे दूषित पानी के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया।

फैक्ट्रियों की सीवर लाइन जांची

टीम ने बड़ी औद्योगिक क्षेत्र में 3 फैक्ट्रियों के अंदर से गुजरने वाली सीवरेज लाइन की जांच की। फैक्टरी संचालक बारिश के पानी की निकासी के लिए दबाई गई स्ट्रॉम वाटर लाइन में दूषित पानी छोड़ने की शिकायत के बाद ये जांच की गई। प्रदूषण बोर्ड के आरओ कमलजीत सिंह, एसडीओ विकास ग्रेवाल और उज्जवल कुमार की अध्यक्षता में दूषित पानी के सैंपल लिए गए। टीम ने भोगीपुर ड्रेन व सीवर ट्रिटमैंट प्लांट से आधा दर्जन सैंपल लिए। इनकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

खबरें और भी हैं...