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  • Professor's Father Became Positive, But Did Not Lose Courage, Took The Risk, Commissioned Oxygen Plants In Sonepat And Karnal Hospitals.

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मददगार:प्रोफेसर के पिता पॉजिटिव हो गए, पर हिम्मत नहीं हारी, रिस्क ले सोनीपत व करनाल के अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट चालू किए

सोनीपत10 दिन पहलेलेखक: जितेंद्र बूरा
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  • प्रो. जोगेंद्र सिंह से मिले सीएम, गाड़ी और ड्राइवर देकर प्रदेश के पांच जिलों के प्लांट तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी

यह एक सामाजिक दायित्व का जज्बा है। सोनीपत के मयूर विहार में रहने वाले ऑटोमेशन इंजीनियरिंग प्रोफेसर जोगेंद्र सिंह ऑक्सीजन प्लांट तैयार करके संकट मोचक बने हुए हैं। उनके पिता कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं और अस्पताल में भर्ती करवाए गए हैं, लेकिन फिर भी वे हिम्मत नहीं हा रहे। केंद्र सरकार की योजना के तहत पांच जिलों में आई मशीनों को इंस्टाल कर ऑक्सीजन प्लांट तैयार करने में लगे हैं।

कोरोना की वजह से कंपनी के इंजीनियर नहीं आ पा रहे हैं। सोनीपत में खुद स्वास्थ्य अधिकारियों से मिलकर पहल करते हुए उन्हें पहला प्लांट तैयार किया। इसके बाद खानपुर में खुद मुख्यमंत्री प्रोफेसर से मिले और उन्हें शाबाशी देते हुए पांच जिलों में प्लांट तैयार करने का दायित्व दिया। 36 घंटे में ही दो बिजली कर्मी व दो प्लंबर को साथ लेकर उन्होंने करनाल का प्लांट तैयार कर दिया है। अब अंबाला में प्लांट शुरू करने पर काम शुरू किया है।

प्रत्येक प्लांट हर दिन 40 सिलेंडर की ऑक्सीजन आपूर्ति देगा। केंद्र सरकार की योजना के तहत प्रदेश के सोनीपत, करनाल, अंबाला, पंचकूला और फरीदाबाद जिले के नागरिक अस्पताल में ऑक्सीजन जनरेट करने के लिए प्लांट लगाने की प्लानिंग की थी। इसके तहत जनवरी 2021 में कंपनी से ऑर्डर कर मशीनें भेज दी गई। अस्पतालों में इसके ढांचे तैयार करने के निर्देश दिए और इसके बाद कंपनी की इंजीनियरिंग टीम को पहुंचकर यह इंस्टाल करने थे। इस बीच कोरोना महामारी बढ़ती चली गई। मशीने पैकेट बंद रही और इंजीनियर नहीं आए।

इसकी सूचना सोनीपत को प्रोफेसर जोगेंद्र सिंह को मिली तो वो बिना किसी लालच के सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए खुद प्लांट तैयार करने के लिए आगे आए। सोनीपत के गेटवे कॉलेज में वे प्रोफेसर हैं। पिछले साल भी उन्होंने प्रशासन को ऑटोमेटिक हैंड सेनेटाइजर मशीन व अन्य उपकरण बनाकर दिए थे। प्रोफेसर का कहना है कि महामारी में हर व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी निभाएगा तो यह लड़ाई जीत जाएंगे।

सोनीपत के बाद करनाल का प्लांट चालू

नागरिक अस्पतालों में अभी बाहर से गैस सिलेंडर लेकर ऑक्सीजन बेड पर व्यवस्था की गई हैं। ऑक्सीजन प्लांट शुरू होने से हर प्लांट 40 सिलेंडर प्रतिदिन क्षमता की ऑक्सीजन उपलब्ध करवाएगा। यह हवा से ऑक्सीजन तैयार करता है। सोनीपत का प्लांट शुरू होने के बाद मंगलवार को करनाल का प्लांट भी शुरू कर दिया गया।

यह बाकी था काम

पावर सप्लाई पैनल इंस्टाल नहीं थे। वेंटिलसेंन नहीं हुआ था। मशीनें तो आई थी लेकिन इनकी इंस्टालेशन नहीं की गई थी ओर यह पैकेट बंद रखी हुई थी। प्लांट से अस्पताल के मेनीफोल्ड ऑक्सीजन सिस्टम से कनेक्टिविटी नहीं थी। प्लंबिंग का कार्य नहीं हुआ था। कंपनी की टीम कोरोना की वजह से नहीं आई। मशीनों की इंस्टालिंग, सेफ्टी पैरामीटर इंस्टाल नहीं थे। प्रोफेसर दो बिजली कर्मी व दाे पलंबर लेकर प्लांट शुरू करवा रहे हैं।

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