सफाई व्यवस्था में झोल:स्वच्छ एप पर शिकायत के एक मिनट बाद निवारण का आ रहा मैसेज, लेकिन समाधान शाम तक भी नहीं

सोनीपतएक महीने पहले
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शनि मंदिर के पास कचरा की समस्या के बारे में अधिकारियों को बताया गया, लेकिन उसका भी हल नहीं निकला। - Dainik Bhaskar
शनि मंदिर के पास कचरा की समस्या के बारे में अधिकारियों को बताया गया, लेकिन उसका भी हल नहीं निकला।
  • स्वच्छ एप में दावा तीन घंटे में ही शिकायत पर होगी कार्रवाई, लेकिन 24 घंटे बाद भी एक्शन नहीं
  • नगर निगम अधिकारियों का स्वच्छ हरियाणा एप पर 20 दिन में 80 शिकायतों में से 70 के समाधान का दावा

नगर निगम की स्वच्छता प्रणाली में दावे और हकीकत में बेहद अंतर है। जिस स्वच्छ हरियाणा एप काे निगम बढ़ावा देकर लाेगाें काे जागरूक कर रहा है, उसकी शिकायताें के समाधान में ही झाेल है। शिकायत करने के एक मिनट बाद ही उसके निवारण हाेने का मैसेज आरहा है। हकीकत में जो समस्या जैसी थी वह न केवल उस क्षण बल्कि कई घंटे बीतने के बाद बरकरार रहती है। भास्कर टीम ने शहर के अलग-अलग स्थान से शिकायत भेजकर इसकी जांच की। स्वच्छता रैंकिंग में बुरी तरह पिछड़े नगर निगम काे ग्राउंड लेवल पर सुधार करने की जरूर है। जमीनी स्तर पर जब तक व्यवस्था नहीं सुधरेगी हालात सुधरना तो दूर और बिगड़ने की नौबत आने में देर नहीं लगेगी।

नगर निगम के रिकाॅर्ड में सब कुछ ओके की स्थिति में है। उन्हें देखकर और जानकर लगता है कि नगर निगम लोगों की समस्या समाधान में नंबर एक पर है। सीवर की समस्या के समाधान के लिए बना गए कंट्रोल रूम में एक से 13 दिसंबर तक 74 शिकायत आई, जिसमें से निगम टीम की ओर से 68 शिकायतों के समाधान का दावा किया गया। नगर निगम के सीएफसी में इस दौरान 34 शिकायते पहुंची जिनमें से 32 के समाधान का दावा है। वहीं स्वच्छ हरियाणा एप पर 80 शिकायत पहुंची है जिसमें से 70 के समाधान का दावा निगम अधिकारियों ने किया।

केस 1. जैश पार्क के पास कचरा जमा है। इसकी फोटो एप पर दोपहर 2:17 बले भेजी, लेकिन गजब बात यह है कि अगले एक ही मिनट में समस्या समाधान की फाेटो भेज दी गई, इसमें खास बात यह रही कि समस्या समाधान का दावा अगले मिनट ही कर दिया गया, जबकि समस्या शाम तक भी बरकरार रही।

केस 2. मामा भांजा चौक पर नगर निगम की पार्किंग के पास बनाए सार्वजनिक शौचालय की बदहाल हालत का फोटो भेजा गया, निगम का दावा है कि समस्या का हल तीन घंटे में हो जाएगा, लेकिन छह घंटे बीतने के बाद भी समस्या हल नहीं हुई।

केस 3. शनि मंदिर अंडरब्रिज के पास कचरा माहौल को प्रदूषित करने का काम करता है, लोग अक्सर यहां मरे हुए जानवर भी फेंक जाते हैँ। कचरे की फोटो खिंचकर एप पर डाली गई, लेकिन समस्या समाधान तो दूर एप पर शिकायत में यह कहते हुए एरर शो किया गया कि प्लीज इंटर विलिड ग्रीवेंस डिटेल। इसके थोड़ी देर बाद शिकायत दर्ज तो हुई लेकिन शिकायत के कई घंटे बाद भी कचरा मंदिर के पास जमा था।

केस 4. सारंग रोड अंडरब्रिज पर जल भराव की समस्या यूं तो कई दिनों से बरकरार है। पिछले सप्ताह खुद निगम आयुक्त ने भी अपनी टीम के साथ इसका निरीक्षण किया, लेकिन आज भी न केवल जल भराव है बल्कि नालियों में कचरा जमा है तो नाला गोबर से सड़ा है। इसकी सूचना एप से लेकर मौखिक रूप से निगम को दी गई, लेकिन निर्धारित अवधि बीत गई, हालात नहीं सुधरे। इस पर निगम के ही दो विभाग एक दूसरे पर इसकी जिम्मेदारी थोपते हुए नजर आए।

सार्वजनिक शौचालय की व्यवस्था नहीं संभाल पाया नगर निगम, अब इन्हें ठेके पर देने की तैयारी

नगर निगम अपने सार्वजनिक शौचालय को संभाल नहीं सका है। शहर के अधिकांश सार्वजनिक शौचालय बदहाली की स्थिति में हैं। बस स्टैंड, मामा भांजा चौक, सुभाष चौक, गोहाना रोड, शनि मंदिर रोड के शौचालय में गंदगी इतनी जमा है कि मानों कितने ही दिनों से सफाई नहीं हुई। ऐसे में अब नगर निगम की ओर से व्यवस्था को ठेके पर देने की तैयारी की गई है। अगले महीने इसके लिए टैंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

यह है शहर में स्वच्छता व्यवस्था

  • निगम में कचरा उठाने को 117 गाड़ी को लगाया
  • डोर टू डोर कचरा उठाने वाली 400 गाड़ियों को लगाया गया है
  • शहर की सफाई के लिए करीब 450 कर्मचारियों की ड्यूटी लगी है
  • स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए 50 सक्षम युवाओं की ड्यूटी लगाई।

132 अंक गिरी है सोनीपत की रैकिंग :

स्वच्छता रैंकिंग के मामले में एक वर्ष में सोनीपत शहर 132 पायदान पिछड़ा। एक साल पहले जहां सोनीपत को स्वच्छता रैंकिंग में 103वां स्थान मिला था, वहीं शनिवार को जारी हुई वर्ष 2021 की रैंकिंग में यह लुढ़कर देश में 235वें स्थान पर पहुंचा है।

समस्या हल करने में निगम बेहद गंभीर

नगर निगम की टीम सफाई, कचरा उठान की हर समस्या को गंभीरता से हल कर रही है। एप के माध्यम से अब तक करीब 80 शिकायतें पहुंची है जिसमें से अधिकांश का समाधान करवा भी दिया गया है। जो भी समस्या आएगी उसका हल होगा। लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जाएगा। सुंदर सिंह मलिक, नोडल अधिकारी, स्वच्छता एप, नगर निगम, सोनीपत।

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