विकास अधर में / डेयरियों से निकले कचरे की रिपोर्ट होगी तैयार, 17 साल से डेयरी शिफ्टिंग अधर में

Reported waste from dairies will be ready, dairy shifting for 17 years
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Reported waste from dairies will be ready, dairy shifting for 17 years

  • शहर में 220 पशु डेयरी व गोशालाएं, सीवरेज में जा रही गंदगी

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:00 AM IST

सोनीपत. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड से शहरी क्षेत्रों में चल रही पशु डेयरी और गोशालाओं का रिकॉर्ड तलब किया है। इनकी वजह से फैल रहे प्रदूषण की रिपोर्ट बनाने के साथ इन पर कार्रवाई करने के लिए भी नियम बनाने के निर्देश दिए हैं। सितंबर माह तक इसकी रिपोर्ट देनी होगी। सोनीपत शहर में ही 220 से अधिक पशु डेयरी और गोशालाएं हैं। इसका सर्वे नगर निगम कर चुका है। फिर भी 17 साल से यहां डेयरी शिफ्टिंग योजना अधर में हैं।
डेयरी शिफ्टिंग के लिए प्लॉट रेट तय नहीं हो पाने से यह शिफ्ट नहीं हो पा रही। सीवरेज में गोबर जा रहा है और सीवर हर दिन ब्लॉक ओकर ओवरफ्लो हो रहे हैं। हाल ही में एनजीटी ने अपने आदेश में कहा है कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड राज्य स्तर पर, जबकि लोकल बॉडीज नगरपालिका लेवल पर कुछ नियम बनाए। इसके आधार पर डेयरी से निकलने वाले कचरों के लिए गोशालाओं पर जुर्माना लगाया जाए जो कि वॉटर बॉडीज के लिए खतरा है, या फिर वायु प्रदूषण बढ़ा रहा है।

विकास लटका : जिले में 2002 से लटकी डेयरी शिफ्टिंग
निगम की ओर से हरसाना एवं देवडू मार्ग पर डेयरियों के लिए प्लॉटिंग कर सड़क बनाकर जगह तय कर दी गई है। इस योजना को सिरे चढ़ाने के लिए शहर से हरसाना में 16 एकड़ व गांव देवडू़ में जमीन का अधिग्रहण किया गया है। इस डेयरी कॉॅम्प्लेक्स में गोबर गैस प्लांट के लिए गोबर डालना शुरू हो गया है। सीवर व पेयजल पाइप लाइन बिछा दी गई है। आवागमन करने के लिए 30 फीट का रास्ता भी बनाया है। इसके अतिरिक्त करीब 10 से 15 दुकानें भी यहां पर तैयार की गई हैं।

प्लॉट रेट पर अटकी है बात

: निगम प्रशासन ने 6 हजार रुपए में जमीन देने का ऑफर दिया था। इसे डेयरी संचालकों ने खारिज करते हुए 3 हजार रुपए प्रति गज के हिसाब से जमीन की डिमांड की थी। जिस पर बात नहीं बन सकी।  नगर निगम के सर्वे में शहर के रिहायशी क्षेत्र में चल रहीं डेयरियों की संख्या 220 से अधिक पाई गई है।

^डेयरी शिफ्टिंग को लेकर हरसाना में निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है, रेट को लेकर उच्च अधिकारियों के पास मामला अभी विचाराधीन है। जैसे ही स्थिति वहां से क्लियर होती है, नगर निगम की ओर से डेयरी संचालकों को शिफ्टिंग के लिए बुलाया जाएगा। रमेश शर्मा, एक्सईएन, नगर निगम, सोनीपत।

डेयरियों के लिए बनेंगे नियम
एनजीटी ने ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पूरे देश में एक गाइडलाइन जारी करने का निर्देश दिया है। गुरुवार को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि देशभर में डेयरियों द्वारा पर्यावरण नियमों के पालन की निगरानी करने और प्रदूषण की जांच के लिए एक महीने के भीतर दिशा-निर्देश जारी करे। कम से कम डेयरी और गोशाला की वाटर बॉडीज से दूरी जरूर स्पष्ट कर दी जाए। नियम के आधार पर डेयरी से निकलने वाले कचरे के लिए गोशालाओं पर जुर्माना लगाया जाए जो कि वॉटर बॉडीज के लिए खतरा है, या फिर वायु प्रदूषण बढ़ा रहे हैं। एनवायरमेंट नॉर्म्स के हिसाब से वॉटर एक्ट 1974, एयर एक्ट 1981 और एनवायरमेंट प्रोटेक्शन एक्ट 1986 का पालन लोकल एनवायरमेंट एजेंसी से कराएं।

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