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SKM ने टीकरी बॉर्डर पर बैरिकेड हटाने का लिया संज्ञान:लखीमपुर खीरी हत्याकांड के आरोपियों के खिलाफ 7 अधिवक्ता लड़ेंगे कानूनी लड़ाई, वालंटियर करेंगे समन्वय

सोनीपत8 महीने पहले
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संयुक्त किसान मोर्चा ने वहीं टीकरी बॉर्डर पर बैरिकेड हटाने का संज्ञान लिया। फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
संयुक्त किसान मोर्चा ने वहीं टीकरी बॉर्डर पर बैरिकेड हटाने का संज्ञान लिया। फाइल फोटो

संयुक्त किसान मोर्चा ने लखीमपुर खीरी किसान हत्याकांड में पीड़ितों को कानूनी सहायता प्रदान करने के लिए 7 सदस्यीय अधिवक्ता पैनल का गठन किया है। टीम मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ कानूनी लड़ाई आगे बढ़ाएगी। संयुक्त किसान मोर्चा ने वहीं टीकरी बॉर्डर पर बैरिकेड हटाने का संज्ञान लिया। मोर्चा ने शनिवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि यदि पूरा रास्ता खोला जा रहा है तो किसानों की मांगों को पूरा करने के लिए भी सरकार को रास्ते खोलने होंगे।

किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा की कानूनी टीम के सदस्यों ने उत्तर प्रदेश सरकार की एसआईटी के अफसरों से भी मुलाकात की। टीम ने एक काउंटर एफआईआर में गिरफ्तार दो किसानों को तत्काल रिहा करने और किसानों को भेजे जा रहे पुलिस नोटिस भी तत्काल रोकने की मांग की। वहीं लखीमपुर खीरी हत्याकांड में पूरी कानूनी प्रक्रिया में वकीलों की टीम के साथ समन्वय के लिए किसान संगठनों के वालंटियरों की भी टीम बनाई है।

टीकरी बॉर्डर पर मोर्चा स्थल की बढ़ाई सुरक्षा
संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के सदस्यों ने दिल्ली पुलिस के टीकरी बॉर्डर पर यातायात बहाल करने के संबंध में कहा कि सड़क मार्ग पुलिस ने ही अवरुद्ध किया था। जबरदस्ती और जल्दबाजी में बैरिकेड हटाने का विरोध कर रहे किसानों के रुख से इस बात की पुष्टि होती है। शुक्रवार देर रात हुए प्रयास के बाद किसानों ने मोर्चा स्थल की सुरक्षा बढ़ा दी है। किसानों ने कहा कि अब रास्ता खुल जाने से दुर्घटनाओं में प्रदर्शनकारियों के घायल होने और मरने की संभावना बढ़ जाएगी। मोर्चा सदस्यों ने कहा कि इस जल्दबाजी से स्पष्ट है कि भाजपा सरकारों की पुलिस अचानक सड़क अवरुद्ध करने में अपनी प्राथमिक भूमिका से दूर हटने की कोशिश कर रही है।

आंदोलन स्थल पर फैसला समय आने पर लेंगे
SKM ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि उसने पहले भी दोतरफा यातायात की जगह दी है और भविष्य में भी मोर्चा स्थलों पर ऐसा ही करेगा। अगर सरकार पूरी तरह मार्ग खोलना चाहती है, तो उसे किसानों की मांगों को पूरा करने के लिए भी रास्ता खोलना होगा। किसान आंदोलन उसी स्थान पर जारी रहेगा या दिल्ली में कहां चलेगा, यह एक सामूहिक निर्णय है जो ठीक समय पर लिया जाएगा। SKM ने आंदोलन में भाग ले रहे नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि किसी भी बात से उत्तेजित न हों।

पंजाब की तीन महिलाओं को दी श्रद्धांजलि
मोर्चा सदस्यों ने बताया कि पंजाब के मानसा जिले के खिवा दयालपुरा में 28 अक्टूबर की सुबह बहादुरगढ़ में हादसे का शिकार हुईं तीन महिलाओं का अंतिम संस्कार हुआ। अंतिम संस्कार के दौरान हजारों लोगों ने साहसी महिलाओं को अंतिम विदाई दी। मोर्चा ने तीनों महिलाओं के जीवन की गहरी कठिनाइयों को संज्ञान में लिया है। इनमें से दो अविवाहित महिलाएं हैं और उन पर भारी कर्ज भी है। सभी छोटी काश्त के किसान परिवार से हैं। महिला किसानों ने आंदोलन में बड़ा योगदान दिया है और SKM अमरजीत कौर, सुखविंदर कौर और गुरमेल कौर को भावभीनी श्रद्धांजलि देता है।

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