मजदूरों की घर वापसी / प्रवासी मजदूरों काे भेजने की सुस्त रफ्तार, रजिस्ट्रेशन करा प्रशासन की बाट जाेह रहे

Slow pace of sending migrant laborers, registration is waiting for administration
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Slow pace of sending migrant laborers, registration is waiting for administration

  • रजिस्ट्रेशन कराने के बाद लोग न घर जा पा रहे न ही यहां कामकाज करने पा रहे

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 05:00 AM IST

सोनीपत. एक तरफ ताे प्रदेश सरकार द्वारा कहा जा रहा है कि पंजीकरण कराओ और घर जाओ। दूसरी तरफ बड़ी संख्या में लाेग पंजीकरण कराकर प्रशासन के बुलावे की बाट जाेह रहे हैं। लाेग का कहना है कि अप्रैल के अंतिम सप्ताह और मई के प्रथम सप्ताह से रजिस्ट्रेशन कराना शुरू किया था। बड़ी संख्या में लाेगाें काे उत्तर प्रदेश के हरदाेई और बरेली, गाेरखपुर और बिहार जाना है। लेकिन इन लाेगाें का नंबर ही नहीं आ रहा है। जिसके कारण यह लाेग न ताे घर जा पा रहे हें और यहां पर अब काेई कामकाज इनके लायक बचा नहीं। लाेगाें का आराेप है कि राशन के लिए रजिस्ट्रेशन कराया गया था, वह भी सभी परिवाराें काे नहीं मिला है। मिला भी ताे किसी-किसी काे वह भी पांच किलाे परिवार में पांच सदस्य है। इतने से परिवार किस तरह से चलाएं। लाेगाें ने प्रशासन से उन्हें पहुंचाने में तेजी लाने का आग्रह किया है।

जिला प्रशासन द्वारा प्रवासियाें काे पहुंचाने का कार्य किया जा रहा ह। बड़ी संख्या में अब तक उनके गंतव्य तक पहुंचाया भी गया है। लेकिन बड़ी संख्या में लाेग अभी भी ऐसे हैं जाे लंबे समय से प्रशासन के प्रतिनिधियाें के फाेन का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन इनकी काेई सुध नहीं ले रहा है। यह लाेग अब घर जाना चाहते हैं। लाेगाें की चाहत है कि उन्हें प्रशासन सही सलमात उनके घर पहुंचा दे ताे वह सुकून से कम से कम अपने परिवार के साथ रह सकेंगे।

अब तक 18 हजार काे भेजा गया :  प्रशासन द्वारा बस और रेलगाड़ियाें के माध्यम से प्रशासन ने अब तक 18 हजार से अधिक लाेगाें काे उनके गंतव्य तक पहुंचाया है। इसमें सबसे अधिक लाेगाें काे उत्तर-प्रदेश के विभिन्न जिलाें में पहुंचाया गया है। यूपी के जिलाें के लिए प्रशासन बसाें की मदद ले रहा है जबकि बिहार के श्रमिकाें काे रेल गाड़ियाें से रवाना किया जा रहा है। रेलगाड़ियां राेहतक और पानीपत से चलाई जा रही है। जिसमें साेशल डिस्टेसिंग की पालना मुख्य लक्ष्य है। जिसके बाद ही लाेगाें काे भेजा जाता है।

बहुत समस्या हाे रही है

हरदाेई निवासी फूलसिंह ने कहा कि उसने करीब एक महीने पहले पंजीकरण कराया था। उसके गांव और आसपास के करीब 50 लाेग हैं, जिन्हाेंने रजिस्ट्रेशन कराया है या फिर घर जाना चाहते हैं। लेकिन हमारे पास किसी तरह से काेई संपर्क घर जाने के लिए नहीं किया गया। हम सभी लाेग राेजाना कमाने खाने वाले लाेग हैं। लाॅकडाउन के कारण काम बंद हाे गया है। परिवार चलाने में दिक्कत हाे रही है। ऐसे में अगर अपने घर चले जाएंगे ताे परिवार से मिलकर भी अच्छा लगेगा। प्रशासन काे हम लाेगाें काे भिजवाने का प्रबंध करना चाहिए, ताकि घर पहुंच सके
^ प्रशासन द्वारा श्रमिकाें काे भेजने का कार्य लगातार किया जा रहा है। हजाराें श्रमिकाें काे अब तक भेजा गया है। यह सिलसिला अब भी जारी है। इन श्रमिकाें काे भी जल्द ही भिजवा दिया जाएगा। बसाें काे इंतजाम हाेते ही सूचित किया जाएगा। जिला प्रशासन सुरक्षित तरीके से भेजने का कार्य कर रहा है, जिसके कारण बसाें में आधे ही यात्री जा पाते हैं।

-डाॅ. संजय कुमार, सीईओ जिला परिषद व नाेडल अधिकारी।

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