कॉलोनियों में सुविधाएं:विधानसभा में उठेगा आबाद कॉलोनियों में रजिस्ट्री नहीं होने का मुद्दा

सोनीपतएक महीने पहले
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वर्षों से आबाद कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाओं की कमी और 7ए नियम लागू होने के बाद रजिस्ट्रियों पर लगी पाबंदी का मुद्दा विधानसभा में उठेगा। सोनीपत शहर विधायक सुरेंद्र पंवार ने इस मुद्दे को लेकर 17 दिसंबर से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में सवाल लगाया है। शहर में 33 से अधिक कॉलोनियों को वैध होने का इंतजार है। जिले में 84 कॉलोनियां आबाद हैं जोकि कई वर्ष से वैध होने का इंतजार कर रही हैं। सोनीपत में 33, गोहाना में 17, खरखौदा में 14 और गन्नौर में 20 कॉलोनी वैध होने के लिए प्रस्तावित हैं। वहीं कई कॉलोनियों के एक्सटेंशन के तौर पर भी वैध करने का सर्वे डीटीपी द्वारा किया जाना है। वर्ष 2014 के बाद 2018 में सोनीपत में 11 कॉलोनी वैध की गई थी, लेकिन इस समय कई कॉलोनी वैध होने से रह गई थी।

वर्ष 2014 के बाद वैध कॉलोनियों के साथ भी अवैध क्षेत्र का दायरा बढ़ता गया। अवैध कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाओं की दिक्कत हैं। सरकार द्वारा 7ए का नियम लागू होने के बाद अब इनमें रजिस्ट्री होनी भी बंद हो गई हैं। जो लोग मकान बनाए हुए हैं वे अपना मकान बेच भी नहीं पा रहे हैं। हालांकि नई कॉलोनी न कटे इसके लिए लगातार डीटीपी द्वारा कार्रवाई की जा रही है। 50 के करीब एफआईआर इस साल में करवाई गई हैं।
सुविधाएं नहीं, आंदोलनरत लोग
आबाद हो चुकी कॉलोनी वैध नहीं होने से सीवर, सड़क और पेयजल की भी दिक्कत है। मुरथल रोड पर डिफेंस कॉलोनी के लोग विधायकों और सांसद को इसको लेकर ज्ञापन दे चुके हैं। यहां जगबीर सिंह ने बताया कि रजिस्ट्री तक बंद होने से दिक्कत है। इंडियन कॉलोनी व अन्य बाहरी कॉलोनियों के लोगों ने दो दिन पहले पूर्व पार्षद संजय बड़वासनी के साथ रोष प्रदर्शन कर ज्ञापन देकर रजिस्ट्री की मांग की थी।

सोनीपत में 95 वैध कॉलोनी
नगर निगम सोनीपत क्षेत्र में सरकार द्वारा वैध घोषित की गई 95 कॉलोनियां वैध की हुई हैं। इनमें 11 कॉलोनी तीन साल पहली वैध घोषित की गई हैं। दरअसल सोनीपत शहर व आसपास के क्षेत्र में 50 प्रतिशत से ज्यादा आबाद हो चुकी कॉलोनियों को वैध करने का वर्ष 2016 में सर्वे हुआ था। इस अनुसार प्रपोजल सरकार द्वारा मांगा गया था। इसमें 25 मार्च 2015 से पहले आबाद हुई कॉलोनियों ली गई थी। करीब 45 कॉलोनी को वैध करने का प्रस्ताव यहां से भेजा गया था। शहर में लगती 11 कॉलोनी वैध हो गई थी। अभी जिले में 33 के करीब कॉलोनियां है जाकि 50 प्रतिशत से अधिक आबाद हो चुकी हैं।

विधायक सुरेंद्र पंवार ने ये लगाए हैं सवाल

कई वर्षों से काॅलोनियों में रहने के बावजूद जो काॅलोनियां अवैध घोषित की गई है, उन्हें वैध घोषित करने की सरकार द्वारा क्या प्रक्रिया शुरू की गई है। शहर में बहुत ही ऐसी काॅलोनियां है, जहां पर लोग कई वर्षों से गृह कर व अन्य शुल्क दे रहे है, लेकिन उन्हें भी अवैध करार दिया गया है। आदर्श ग्राम योजना के तहत दो करोड़ रुपए के विकास कार्य करवाने का पत्र सराकर द्वारा भेजा गया था, जिसके तहत कार्यों की सूची कई बार विभागीय अधिकारियों को दी जा चुकी है, लेकिन धरातल पर अभी तक कोई कार्रवाई शुरू नहीं हुई है। रोजगार विभाग द्वारा अभी तक कितने युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार दिया गया है। राजस्व मंत्री से सवाल के माध्यम से पूछा गया है कि सरकार द्वारा जिन काॅलोनियों में 7 ए लगाया गया है, उनमे रजिस्ट्रयां करवाने का क्या प्रावधान है। शिक्षा मंत्री से सोनीपत विधानसभा में राजकीय ब्वॉयज कॉलेज खोलने पर भी सवाल पूछा गया है, क्योंकि सोनीपत शहर में राजकीय ब्वॉयज कॉलेज नहीं है। सोनीपत विधानसभा या इसके आसपास ट्रामा सेंटर बनाने की सरकार की क्या स्थिति है, सिविल अस्पताल सोनीपत के नवीनीकरण व अपग्रेड करने पर स्वास्थ्य विभाग का क्या विचार है।

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