पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • Local
  • Haryana
  • Sonipat
  • Rai
  • On The Death Anniversary Of Chhoturam, Farmers Of Punjab And Haryana Wrote Kisan Bhavan, Sharing Common Heritage Common Martyrdom

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

आंदोलन का 44 दिन:छोटूराम की पुण्यतिथि पर पंजाब-हरियाणा के किसानों ने किसान भवन बना लिखी सांझी विरासत-सांझी शहादत

राई6 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
राई. किसानों ने हाईवे के बीचों-बीच पराली से किसान भवन बनाया और इसी भवन में किसान मसीहा छोटूराम की पुण्यतिथि मनाई।

कुंडली बॉर्डर पर किसान आंदोलन का 44 दिन। आज पंजाब व हरियाणा के किसानों ने चौधरी छोटूराम को समर्पित किया। किसानों ने हाईवे के बीचों- बीच पराली से किसान भवन बनाया और इसी भवन में किसान मसीहा छोटूराम की पूण्यतिथि मनाई। किसान भवन पर हरियाणा-पंजाब के बढ़ते भाइचारा का संदेश, सांझी विरासत-सांझी शहादत लिखा। इसमें स्पष्ट संदेश दिया गया कि किसान आंदोलन में हरियाणा व पंजाब विरासत व शहादत साथ-साथ रखेंगे।

पंजाब के किसान सुखविंद्र सिंह बाजवा ने कहा कि आज फिर हरियाणा के छोटूराम को देश की ज़रुरत है। वे सच्चे किसान मसीहा थे और किसानों के संघर्ष के लिए जीवनभर काम किया। दीनबंधु चौधरी छोटूराम की शनिवार को पुण्यतिथि थी। इस बार पंजाब के किसानों ने भी छोटूराम को याद किया। पंजाब के किसानों ने हरियाणा के किसानों के साथ मिलकर हाईवे पर ही पुराली से किसान भवन बनाया। किसान भवन में दीनबंधु चौधरी छोटूराम की जीवन से संबधित किताबों को रखा गया।

चौधरी छोटूराम के जीवन पर प्रकाश डाला गया। मंच से भी छोटूराम के बारे में कई वक्ताओं ने अपने विचार रखे। भारतीय किसान यूनियन अंबावता के राष्ट्रीय महासचिव शमशेर सिंह दहिया ने कहा कि चौधरी छोटूराम संयुक्त पंजाब के किसान मसीहा थे। उनका जन्म 24 नवंबर, 1881 में झज्जर, हरियाणा के गांव गढ़ी सांपला में एक साधारण परिवार में हुआ था। उन्होंने ब्रिटिश शासन में किसानों के अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करने के लिए जाना जाता था। वे पंजाब प्रांत के सम्मानित नेताओं में से थे और उन्होंने 1937 के प्रांतीय विधानसभा चुनावों के बाद अपने विकास मंत्री के रूप में कार्य किया। उन्हें नैतिक साहस की मिसाल और किसानों का मसीहा माना जाता था।

1930 में छोटूराम ने पास कराए थे किसानों के पक्ष में दो कानून

भारतीय किसान यूनियन अंबावता के राष्ट्रीय महासचिव शमशेर सिंह दहिया ने कहा कि चौधरी छोटूराम को साल 1930 में दो महत्वपूर्ण कानून पास कराने का श्रेय दिया जाता है। इन कानूनों के चलते किसानों को साहूकारों के शोषण से मुक्ति मिली थी। ये कानून थे पंजाब रिलीफ इंडेब्टनेस, 1934 और द पंजाब डेब्टर्स प्रोटेक्शन एक्ट। इन कानूनों में कर्ज का निपटारा किए जाने, उसके ब्याज और किसानों के मूलभूत अधिकारों से जुड़े हुए प्रावधान थे।

आज फिर एक छोटूराम की जरूरत

पंजाब के गुरदासपुर के किसान जसविंद्र सिंह ढींढसा ने कहा कि आज फिर एक छोटूराम की ज़रूरत है। किसानों को चौधरी छोटूराम याद आ रहे हैं। वे किसानों के सच्चे हितैषी थे और किसानों के पक्ष में फैसले लेते थे।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- इस समय ग्रह स्थितियां आपके स्वाभिमान और आत्म बल को बढ़ाने में भरपूर योगदान दे रहे हैं। काम के प्रति समर्पण आपको नई उपलब्धियां हासिल करवाएगा। तथा कर्म और पुरुषार्थ के माध्यम से आप बेहतरीन सफलता...

और पढ़ें

Open Dainik Bhaskar in...

  • Dainik Bhaskar App
  • BrowserBrowser