बकानी रोग (झंडा रोग) ने किसानों की परेशानी बढ़ी:धान की 1509 किस्म में आया बकानी रोग, किसान दोबारा लगा रहे पनीरी

जठलानाएक महीने पहले
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धान की 1509 किस्म की पनीरी में आया बकानी(झंडा)रोग। - Dainik Bhaskar
धान की 1509 किस्म की पनीरी में आया बकानी(झंडा)रोग।

धान की 1509 किस्म की पनीरी में इस बार आए बकानी रोग (झंडा रोग) ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। रोग की रोकथाम के लिए किसान तरह-तरह की दवाई का स्प्रे भी कर रहे हैं, लेकिन रोग रुकने का नाम नहीं ले रहा। कुछ किसान परेशान होकर दोबारा पनीरी की बिजाई कर रहे हैं। जिससे किसानों को हजारों का नुकसान उठाना पड़ रहा है। राजेश कुमार, बलजीत, सौरभ व रिंकू का कहना है कि गत वर्ष 1509 पनीरी किस्म के दाम काफी अच्छे रहे थे।

इसलिए इस बार उन्होंने करीब 20 दिन पहले धान के इस किस्म के बीज की बिजाई की थी। पनीरी तैयार हो चुकी है, लेकिन पनीरी में बगानी रोग के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। अगर इस पनीरी को खेत में रोपा गया तो घाटा होगा। अब परेशान होकर उन्होंने धान के दूसरे किस्म के बीज की बिजाई की है।

यह है बकानी रोग के लक्षण | बकानी रोग के लक्षण अक्सर धान की पनीरी में दिखाई नहीं देते, लेकिन इस बार इस रोग के लक्षण पनीरी में ही साफ तौर पर दिखाई दे रहे है। इसमें रोग ग्रस्त पौधा अन्य पौधों की उपेक्षा अधिक लंबा हो जाता है। जिस कारण किसान इसे आम भाषा में झंडा रोग भी कहते हैं। वहीं, मौसम में अत्यधिक आर्द्रता होने पर इस रोग से ग्रस्त पौधे सड़ने से बिल्कुल सूख जाते हैं। खंड कृषि अधिकारी डॉ. राकेश अग्रवाल का कहना है कि यह रोग इस वैरायटी का करेक्टर है। फसल में आए बकानी रोग का इलाज नहीं है।

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