फैमिली आईडी से ही होंगे एडमिशन:विद्यालय में सीएससी संचालक को बुलाने की दी सहूलियत

यमुनानगर17 दिन पहले
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राजकीय स्कूलों में एडमिशन के दौरान फैमिली आईडी की अनिवार्यता बनी रहेगी। जिन विद्यार्थियों के पास फैमिली आईडी नहीं है। उनकी स्कूल परिसर में ही अाईडी बनाई जाएगी। शिक्षा निदेशालय ने इतनी सहूलियत जरूर दी कि स्कूल में सीएससी संचालक को बुलाया जा सकता है। डिप्टी डीईओ पिरथी सैनी का कहना है कि स्कूलों में ही फैमिली आईडी बनवाई जा सकती है। इसके लिए 50 रुपए का शुल्क तय किया गया है। राजकीय स्कूलों में परिवार पहचान पत्र के बिना एडमिशन नहीं हो रहे थे। इसे लेकर राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने विभाग के उच्चाधिकारियों से पंचकूला में मुलाकात की। उनकी ओर से भरोसा दिया गया था कि पीपीपी की अनिवार्यता को एडमिशन में खत्म कर दिया जाएगा।

इसे लेकर जल्द लेटर जारी कर दिया जाएगा। शिक्षा विभाग ने लेटर तो जारी किया, लेकिन इसमें पीपीपी को खत्म नहीं किया। एडमिशन में इसकी जरूरत रखी। नई व्यवस्था में इतना जरूर किया गया कि स्कूल में मुखिया सीएससी संचालक काे बुला सकते हैं। जो बच्चे दाखिले के लिए आ रहे हैं। अगर उनके पास फैमिली आईडी नहीं है। वह स्कूल में बनवाई जा सकती है।

औद्योगिक नगरी में अधिकतर बाहर के लोग | अध्यापक विपिन ने बताया कि औद्योगिक नगरी में अधिकतर लोग बाहर के रहने वाले हैं। यहां उनके बच्चे भी साथ रह रहे हैं। सरकारी स्कूलों में एडमिशन ज्यादा ये बच्चे लेेते हैं। इस बार कागजी कार्रवाई ज्यादा दी गई है। इनके पास आधार कार्ड हैं, लेकिन परिवार पहचान पत्र नहीं है। परिवार पहचान पत्र नहीं होने के कारण लोग बच्चों के एडमिशन नहीं करवा पा रहे थे। औपचारिकता ज्यादा होने के कारण सरकारी स्कूलों में अपेक्षाकृत कम बच्चाें का एडमिशन हुआ है। इसके लिए चलते ही संघ ने पीपीपी की अनिवार्यता को खत्म करने की मांग की थी। इसका फायदा ये होता कि बच्चों को दाखिले लेने में परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।

मॉडल संस्कृति विद्यालयों में 10 तक दाखिले
इन स्कूलों में एडमिशन की डेट 10 मई तक है। इस दिन तक स्कूल में विद्यार्थी आकर एडमिशन ले सकते हैं। अभिभावक राज सिंह का कहना है कि बीच में रविवार है। इसके लिए एक दिन कम मिल रहा है। विभाग कोे एडमिशन डेट बढ़ानी चाहिए। वहीं, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला प्रधान कुलवंत सिंह ने बताया कि विभाग ने फैमिली आईडी बनवाने के लिए लेटर जारी कर दिया। स्कूलों में संचालक बुलाने से भी नहीं आते। संघ की विभाग से यही मांग है कि पीपीपी की अनिवार्यता को एडमिशन से खत्म किया जाए। रविवार को फतेहाबाद में प्रदेश स्तरीय मीटिंग है। इसमें बड़ा फैसला लिया जाएगा।

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