रादौर गोलीकांड में बड़ी लापरवाही:नाके से लेकर पुलिस की जिप्सी चलाने तक होमगार्ड का सहारा लिया

यमुनानगर9 दिन पहले
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भास्कर में 7 मई को प्रकाशित समाचार। - Dainik Bhaskar
भास्कर में 7 मई को प्रकाशित समाचार।

रादौर में सब इंस्पेक्टर सतीश कांबोज को शुक्रवार को बाइक सवार बदमाशों ने दो गोलियां मार दी थी। पुलिस बदमाशों पर जवाबी कार्रवाई नहीं कर पाई। क्योंकि सतीश कांबोज के साथ पुलिस का कोई जवान नहीं था। होमगार्ड जिप्सी चला रहा था। वहीं, जब नाके पर आरोपियों को पकड़ने की कोशिश की तो वहां भी होमगार्ड था। होमगार्ड को सरकारी हथियार नहीं सौंपा जा सकता क्योंकि उसके पास उसे चलाने की पुलिस कर्मी की तरह ट्रेनिंग नहीं है। वहीं किसी तरह की घटना होने पर वह जवाबी कार्रवाई के लिए जिम्मेदार है।

शुक्रवार को रादौर में हुई घटना में पुलिस की यह कमजोरी बदमाशों को भागने का मौका दे गई। रादौर थाने में इस समय नौ पुलिस कर्मचारी हैं। वहीं आठ होमगार्ड। जबकि 15 से ज्यादा पुलिस कर्मचारियों का थाने में तैनात होना जरूरी है, लेकिन मैनपावर न होने से पुलिस कमजोर होती जा रही है और इसका फायदा बदमाश उठा रहे हैं। शुक्रवार को जब वारदात हुई उस समय सतीश के पास हथियार भी नहीं था। यमुनानगर जिले में कांस्टेबल से लेकर इंस्पेक्टर तक के 1461 पुलिस के पद हैं। वहीं, मौजूदा समय में करीब 1100 पुलिस कर्मचारी हैं।

वहीं बताया बताया जाता है कि इन 1100 में से 300 कर्मचारी ऐसे हैं, जो थानों, चाैकी की बजाए कोर्ट, जज, वीआईपी, अधिकारियों और अन्य की सुरक्षा में तैनात हैं। इसके साथ ही जो पुलिस कर्मचारी थानों या चौकी में तैनात हैं, उन पर काम का दबाव इतना ज्यादा है कि वे कोर्ट कचहरी के चक्कर काटते रहते हैं। वहीं, कई बार वीआईपी ड्यूटी लग जाती है। कई तो ऐसे हैं, जो घर भी कई-कई सप्ताह बाद जाते हैं। घर जाते ही फिर से अधिकारी का वापसी के लिए फोन आ जाता है।

गोली मारते हुए बदमाश के मुंह से कपड़ा उतर गया था : सतीश कांबोज

घायल सब इंस्पेक्टर सतीश कुमार ने पुलिस काे बयान दिए हैं कि छह मई को वह पुलिस उपस्थिति दिवस पर बस स्टैंड यमुनानगर के पास होमगार्ड अमित कुमार के साथ मौजूद था। वहां थाना प्रभारी सरकारी गाड़ी में आए, लेकिन वे किसी प्राइवेट गाड़ी से थाने में चले गए और सरकारी गाड़ी उनके हवाले कर दी। गाड़ी को होमगार्ड कर्मी सत्यप्रकाश चला रहा था। दोपहर करीब 12 बजे बिना नंबर की बाइक पर दो युवक मुंह पर काला कपड़ा बांधकर बाजार की तरफ से बस स्टैंड की तरफ आ रहे थे।

उन्हें रोकना चाहा तो वे भाग गए। उसे उनके अपराधी होने का शक होने पर वे भी पीछे लग गए। बुबका चौक से होते हुए वे खेड़ी लक्खा सिंह रोड पर गए। जब एफसीआई गोदाम के पास पहुंचे तो उसने चलती गाड़ी से उन्हें रोकना चाहा तो बाइक पर पीछे बैठे युवक ने उस पर दो गोलियां चला दी। एक गोली बाजू में और दूसरी पेट में लगी। भागते हुए गोली मरने वाले युवक के चेहरे से कपड़ा हट गया। वह उसे सामने आने पर पहचान सकता है। आरोपी मौके से भागने में कामयाब रहे। इस शिकायत पर रादौर थाना पुलिस ने धारा-307, 186, 333, 34 और आर्म्स एक्ट में केस दर्ज किया है।

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