करोड़ों के गबन और लोन मामले:गड़बड़झाले के 1000 से ज्यादा केस, संदिग्ध चार्टर्ड अकाउंटेंट पैनल से होंगे सस्पेंड; ऑडिटर्स को भी शो कॉज नोटिस

हमीरपुर3 महीने पहले
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इस पंधेड़ सहकारी सभा में भी बड़ा घोटाला हुआ है। - Dainik Bhaskar
इस पंधेड़ सहकारी सभा में भी बड़ा घोटाला हुआ है।

हिमाचल के ग्रामीण क्षेत्र में रीढ़ की हड्डी मानी जाने वाली प्राथमिक सहकारी सभाओं में गबन और लोन के पेंडिंग मामलों में अब ऑडिटर्स और चार्टर्ड अकाउंटेंट भी नापेंगे। ज्यादातर सभाओं में इन्हीं की बदौलत गड़बड़झाले होते रहे। लेकिन समय पर बेवजह होती रही लापरवाही सहकारिता विभाग के गले की फांस बन चुकी हैं।

लोगों को पैसा वापस नहीं मिल रहा। इनमें कई ऑडिटर्स सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं। 1000 से ज्यादा मामले गबन और लोन के पेंडिंग चल रहे हैं, जिन पर शिकंजा कसने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

ऑडिटर्स को शो कॉज नोटिस

प्राथमिक सभाओं में इनकी कारगुजारी को दीमक लगाने के पीछे कई एडिटर्स भी दोषी हैं और अब बारी बारी से उन पर शिकंजा कसने के लिए शो कॉज नोटिस दिए जाने का सिलसिला शुरू हो रहा है। इनकी जवाबदेही भी बराबर सुनिश्चित की जा रही है। दीगर बात यह है कि ज्यादातर मामलों में कई ऑडिटर्स रिटायर्ड भी हो चुके हैं। मगर अब उन पर भी गाज गिरेगी। क्योंकि उन्हीं के ऑडिट के दौरान मामले छुपाए गए थे।

चार्टर्ड अकाउंटेंट पैनल से होंगे सस्पेंड

विभाग ने अब ऐसे चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) के खिलाफ भी सख्ती बरतने का अभियान शुरू कर दिया है जिसके तहत उनकी जवाबदेही में कोताही पाए जाने वाले मामले मिले हैं। विभाग ने जिन चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को सर्टिफाइड किया हुआ है और जो पैनल में शामिल हैं जिन के हवाले सहकारी सभाओं के ऑडिट की देखरेख में जवाबदेही सुनिश्चित की हुई है इनमें ऐसे कई चार्टर्ड अकाउंटेंट लापरवाही में पाए जा रहे हैं।

अब विभाग इनकी भी सूची तैयार कर रहा है। ऐसे चार्टर्ड अकाउंटेंट पैनल से हटा दिए जाएंगे। उन्हें सस्पेंड किया जाएगा। ताकि वे फिर से विभाग की इस प्रक्रिया में हिस्सा न ले सकें। दरअसल में लोअर हिमाचल में सिद्ध हमीरपुर, ऊना, कांगड़ा, बिलासपुर और पास लगते कुछ अन्य जिलों में प्राथमिक सहकारी सभाओं की भूमिका उस जमाने से बेहद कारगर साबित होकर लोगों के लिए लेनदेन में रीढ़ की हड्डी मानी गई है। जिस समय बैंकों का विस्तार नहीं था। लेकिन अब इनमें जितने गड़बड़झाले प्रबंध समितियों, सचिवों, ऑडिटर्स की मिलीभगत और चार्टर्ड अकाउंटेंट की लापरवाही की वजह से हो चुके हैं। जो ना केवल लोगों के लिए मुसीबत बने हैं, बल्कि विभाग के लिए भी इनका निपटारा करना जी का जंजाल बना चुका है। इनमें प्रक्रिया इतनी लंबी है, जिस कारण ज्यादातर गड़बड़झालों के मामले लंबे खींच रहे हैं।

प्रत्यूष चौहान सहायक रजिस्ट्रार हमीरपुर।
प्रत्यूष चौहान सहायक रजिस्ट्रार हमीरपुर।

हमीरपुर जिला में ही 350 ऐसे केस
प्राप्त जानकारी के मुताबिक जिनमें केवल हमीरपुर जिला में ही 350 ऐसे केस हैं, जो लोन और गबन से संबंधित हैं। इनमें करोड़ों का पैसा संबंधित लोगों का बुरी तरह फंसा हुआ है। वह सालों से उन्हें वापस नहीं हो पा रहा। बहुत सारे मामले सहकारिता विभाग की रेवेन्यू कोर्ट में चल रहे हैं, और कई डिस्ट्रिक्ट कोर्ट्स में।हमीरपुर जिला में ही तकरीबन 290 सहकारी सभाएं हैं जिनमें ज्यादातर में लोन के मामले रिकवरी के लिए मुंह फुला कर खड़े हुए हैं। गबन के मामलों में भी तकरीबन एक दर्जन सभाएं सहकारिता के माहौल को बेहतर बनाने में अच्छी खासी बाधा बनी हुई है।

शो कॉज नोटिस भेज की जाएगी कार्रवाई

सहायक पंजीयक हमीरपुर प्रत्यूष चौहान का कहना है कि ना मिले तो अभी पेंडिंग काफी हैं लेकिन बारी-बारी से इन्हें समझाने का काम जारी है। जिन ऑडिट करने वाले विभागीय इंस्पेक्टरओं की लापरवाही पाई जा रही है। वे चाहे अब रिटायर हो गए हैं। उन्हें भी शो कॉज नोटिस भेजकर उनके खिलाफ कार्रवाई को अंजाम दिया जाएगा। इसकी शुरुआत कर दी गई है। इसी तरह पैनल में मौजूद चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को भी सस्पेंड किया जाएगा। क्योंकि इनकी लापरवाही भी मिल रही है।करयाली सभा के जिस पूर्व सचिव विजय कुमार को जेल भेजा गया है। वह लंबे समय से किसी न किसी वजह से बच निकल रहा था। अब इस तरह के कई और सचिवों को भी शिकंजे में लेने का काम शुरू हो चुका है। ताकि मामलों का निपटारा हो सके।

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