अब कॉलेज ही करेंगे पेपरों का मूल्यांकन:यूनिवर्सिटी का फरमान- विश्वविद्यालय में न भेजें आंसर शीट, टीचर्स खुद ही चैक करें

हमीरपुर3 महीने पहले
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प्रतीकात्मक तस्वीर - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक तस्वीर

हिमाचल प्रदेश के सभी कॉलेज अब पेपरों की चैकिंग खुद करेंगे। सेकेंड और फाइनल ईयर के एग्जाम की पेपर मार्किंग भी संबंधित कॉलेजों में ही होगी। इनकी आंसर शीट्स इस बार एग्जाम के बाद यूनिवर्सिटी को नहीं भेजी जाएंगी। यूनिवर्सिटी ने ही यह फरामन जारी किया है, लेकिन यूनिवर्सिटी द्वारा ऐसा किए जाने पर क्वालिटी ऑफ एजुकेशन पर सवाल उठने लगे हैं।

फरमान के अनुसार, जिस टीचर ने स्टूडेंट्स को पढ़ाया है, वही उनके एग्जाम पेपर का मूल्यांकन भी करेगा। कॉमर्स, साइंस और आर्ट्स तीनों स्कीम्स में यूनिवर्सिटी ने यह फैसला लिया है। फर्स्ट ईयर के एग्जाम के बाद आंसर शीट्स यूनिवर्सिटी को भेजी जाएंगी। सीक्रेसी नंबर लग कर पहले की तरह संबंधित मूल्यांकन के लिए पेपर यूनिविर्सटी भेजे जाएंगे।

वहीं सवाल उठ रहे हैं कि अब अग पढ़ाने वाले टीचर ही पेपर मार्किंग का काम भी करेंगे तो फिर स्कूल और यूनिवर्सिटी के बीच अंतर क्या रह जाएगा। फाइनल ईयर के मूल्यांकन के लिए तो पहले ही यूनिवर्सिटी ने फरमान जारी कर दिया था, लेकिन सेकंड ईयर के लिए बीते रोज ही नई अधिसूचना जारी की गई है। क्या इसका असर क्वालिटी एजुकेशन पर नहीं पड़ेगा।

एक माह पहले स्थगित हुई थी परीक्षा

बता दें कि एक माह पहले फर्स्ट और सेकेंड ईयर की परीक्षाएं प्रश्न पत्रों के गायब होने की वजह से स्थगित हो गई थीं, यानी एक महीना देरी से परीक्षाएं शुरू हुई हैं। तब यूनिवर्सिटी ने जांच के बाद पाया था कि एक कॉलेज में पेपर रद्दी समझ कर जला दिए गए थे। उसी कड़ी में अब शनिवार से पेपर दोबारा शुरू हुए हैं।

रिजल्ट जल्दी निकल जाए, इसलिए लिया फैसला

यूनिवर्सिटी के कंट्रोलर ऑफ एग्जाम जेएस नेगी का कहना है कि यह फैसला इसलिए लिया गया है कि पेपर मार्किंग जल्दी से हो जाए। यदि मूल्यांकन स्थल बना कर पहले की तरह इसे अंजाम दिया जाता तो रिजल्ट बनाने में वक्त लगता।