हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में मरीजों की भीड़:रजिस्ट्रेशन के लिए मारामारी, सरकारी लैब में टेस्ट करवाना सबसे बड़ी मुसीबत

हमीरपुर6 महीने पहले
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मेडिकल कॉलेज में उमड़ी भीड़। - Dainik Bhaskar
मेडिकल कॉलेज में उमड़ी भीड़।

हिमाचल के हमीरपुर जिला मुख्यालय पर स्थित राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज में मरीजों की तादाद अब लगातार बढ़ने से रजिस्ट्रेशन पर्ची बनवाना भी सुबह के समय मुसीबत का काम हो गया है। पर्ची बन भी गई तो फिर संबंधित ओपीडी में डॉक्टर तक पहुंचना भी लंबा इंतजार करवा रहा है। पिछले कुछ दिनों से मरीजों की तादाद में यकायक अच्छी खासी बढ़ोतरी हो गई है। मतलब साफ है कि इंतजाम यहां जितने भी किए गए हैं वह नाकाफी साबित हो रहे हैं।

रजिस्ट्रेशन के लिए मारामारी

सुबह 8 बजे ही रजिस्ट्रेशन के लिए मरीजों की लाइन लगना शुरू हो जाती है, जब तक काउंटर खुलता है काफी भीड़ जमा हो चुकी होती है। या तो इस काउंटर के खुलने का समय थोड़ा पहले करवा दिया जाए या फिर अतिरिक्त काउंटर खोलने से ही यह समस्या हल हो सकती है। क्योंकि यदि 2 से 3 घंटों तक मरीज को रजिस्ट्रेशन करवाने में ही लग जाएंगे? तो फिर भला चंगा व्यक्ति भी बीमार हो जाएगा। अभी पर्ची बनवाने के लिए 2 काउंटर हैं।

सरकारी लैब में टेस्ट करवाना बना मुसीबत

अब क्योंकि कॉलेज में एक लैब है। जहां पर तमाम टेस्ट हो रहे हैं। एसआरएल लैब पिछले महीने से बंद है। नई कंपनी की लैब स्थापित नहीं हुई है। जिस कारण सारा भार सरकारी लैब पर ही आ पड़ा है। वहां मरीजों का जमघट रोजाना उनके लिए मुसीबत बना हुआ है। पिछले कल भी यही हालत थी और मंगलवार को तो भीड़ का आलम देखते बन रहा था।

समस्या यह भी है कि ओपीडी में 2-2 डॉक्टर्स के बैठने की व्यवस्था है, लेकिन इस पर मुकम्मल तौर पर अमल नहीं हो रहा। ऑर्थो में सबसे बड़ी दिक्कत है। वहां कभी-कभी तो एक डॉक्टर भी समय पर नहीं बैठते। मंगलवार और बीते सोमवार को भी यही स्थिति देखी गई।

मरीजों की संख्या ज्यादा

एमएस डॉक्टर रमेश चौहान का कहना है कि भीड़ तो मरीजों की ज्यादा है, लेकिन अब यहां जितनी व्यवस्था हो सकती है उसी में गुजारा करना होगा। भवन की यहां कमी है। लैब को दूसरी जगह शिफ्ट नहीं किया जा सकता।