सरकार से पेंशनर्स नाराज:संशोधित पेंशन में आयु के हिसाब से नहीं मिला लाभ, फैसले के बाद भी नोटिफिकेशन में जिक्र नहीं

हमीरपुर12 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
हमीरपुर में बैठक के दौरान पेंशनर्स। - Dainik Bhaskar
हमीरपुर में बैठक के दौरान पेंशनर्स।

हिमाचल में पेंशनरों को 65, 70 और 75 वर्ष की आयु पूरी होने पर मिलने वाले 5, 10 और 15 प्रतिशत पेंशन भत्ता को संशोधित पेंशन पर न देने को लेकर पेंशनर नाराज हैं। पेंशनर्स का कहना है कि 1 अगस्त को इस बारे में सचिवालय में जो बैठक मुख्यमंत्री के साथ हुई थी, उसमें यह तय हुआ था। लेकिन अब जो नोटिफिकेशन हुई है। उसमें उसका जिक्र नहीं है।

पेंशनर्स की इस मुख्य मांग पर सरकार की चुप्पी राज्य के पेंशनर्स को चुभ रही है। इसी प्रकार सरकार ने 1 जनवरी 2016 से पेंशन संशोधन के परिणाम स्वरूप मिलने वाली बकाया राशि को एकमुश्त देने वाली संघ की मांग को ठुकराते हुए बकाया राशि के मात्र 20 प्रतिशत तक भुगतान करने के आदेश जारी कर वृद्ध एवं गम्भीर बीमारियों से ग्रसित पेंशनरों की अनदेखी की है।

यह बात हिम आंचल पेंशनर्स संघ के प्रदेश अध्यक्ष योगराज शर्मा, संघ संस्थापक BD शर्मा, मुख्य संरक्षक रमेश भारद्वाज, महासचिव हरनाम सिंह ठाकुर, वित्त सचिव ओमराज कंवर, IT प्रकोष्ठ नियंत्रक KC गौतम ने प्रेसवार्ता के दौरान कही।

सदस्यों का कहना है कि सरकार द्वारा जारी इन आदेशों में भी निम्न स्तर से सेवानिवृत्त पेंशनरों से भेदभाव किया गया। क्योंकि जिन पेंशनरों एवं पारिवारिक पेंशनरों का कुल बकाया डेढ़ या एक लाख से भी कम बनेगा। तो उन्हें 20 प्रतिशत के हिसाब से मात्र 12,000 से 30,000 रुपए के बीच राशि ही मिलेगी।

जबकि कर्मचारी वर्ग के ग्रुप-डी में यह राशि 60,000 रुपए रखी गई है। वास्तविकता यह है कि बहुत से पेंशनर्स वृद्धावस्था एवं रुग्णावस्था के कारण संशोधित पेंशन पर मिलने वाली बकाया राशि के इंतजार में इस नश्वर संसार से विदा भी हो गए हैं। वहीं, संघ की पुरानी लंबित मांगों के अतिरिक्त सरकार द्वारा जनवरी 2022 से महंगाई भत्ता की किस्त भी जारी नहीं की है। जबकि जुलाई 2022 से दूसरी किस्त भी देय हो गई हैं।

JCC की बैठक में मुख्यमंत्री द्वारा 25 करोड़ की राशि तथा 5, 10 व 15 प्रतिशत पेंशन भत्ता को संशोधित पेंशन पर देने के बारे में की गई घोषणा के संबंध में भी अभी आदेश जारी नहीं हुए हैं। जिन्हें जारी करने हेतु सरकार शीघ्र कार्यवाही करे। ताकि पेंशनर्स को हो रही आर्थिक हानि पर विराम लग पाए।

उन्होंने सरकार से अनुरोध किया है कि JCC की बैठक में चर्चित व निर्णित मुद्दों के साथ-साथ पेंशनर्स की अन्य लंबित मांगों को लागू करने हेतु शीध्र आदेश जारी किए जाएं। ताकि पेंशनर्स में व्यापक रोष कुछ शांत हो सके।