HC ने 365 देवी-देवताओं की जमीन का स्टेटस मांगा:देव संस्कृति चैरिटेबल ट्रस्ट कुल्लू ने कारदारों को ब्योरा देने को लिखा पत्र

कुल्लू5 महीने पहले
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कुल्लू में पत्रकार वार्ता करते ओम प्रकाश शर्मा । - Dainik Bhaskar
कुल्लू में पत्रकार वार्ता करते ओम प्रकाश शर्मा ।

हिमाचल के कुल्लू के 365 देवी-देवताओं की जमीन का स्टेटस हिमाचल हाईकोर्ट ने तलब किया है। यह रिकॉर्ड देव संस्कृति चैरिटेबल ट्रस्ट बनाम स्टेट ऑफ HP एंड अदर्स 2014 के मामले में तलब किया है। इस संबंध में देव भूमि संस्कृति चैरिटेबल ट्रस्ट कुल्लू के मैनेजिंग ट्रस्टी ओम प्रकाश शर्मा ने जानकारी दी।

गुरुवार को कुल्लू में पत्रकार वार्ता कर उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट ने जिले के देवी-देवताओं की जो जमीन मुजारा एक्ट के तहत कारदारों और अन्य लोगों को दी गई है, उसका ब्योरा मांगा है। जिसके चलते ट्रस्ट की ओर से जिले के सभी देवी-देवताओं के कारदारों को पत्र भेजे जा रहे हैं कि वे अपने देवी-देवताओं की जमीन का स्टेटस उपलब्ध कराएं ताकि हाईकोर्ट में जमा कराया जा सके।

उन्होंने कहा कि अगर देवी-देवताओं के कारदार स्टेटस जमा नहीं कराते हैं तो वह स्वयं ही हाईकोर्ट के साथ जवाबदेय होंगे। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट में इसके लिए 3 सप्ताह का समय दिया है। जिसके चलते 27 सितंबर तक यह स्टेटस हाईकोर्ट में जमा कराना होगा। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट ने हाईकोर्ट में इसलिए केस लगाया था कि जिले के देवी-देवताओं के पास 92 हजार बीघा जमीन थी।

जिसमें से 84 हजार बीघा जमीन मुजारों के नाम चढ़ी है, लेकिन विडंबना यह है कि कई मुजारों ने जमीन को बेच दिया है और देवी-देवताओं का काम करना बंद कर दिया है। ऐसे में देवी-देवताओं के प्रति आस्था बनी रहे और जमीन को इस तरह बेचा न जाए इसके लिए ट्रस्ट काम कर रहा है।

उन्होंने कहा कि DC और जिला राजस्व अधिकारी भी यह मान चुके हैं कि देवी-देवता नवालिग हैं और उनकी जमीन को इस तरह से बेचा नहीं जा सकता है। जिसे हाईकोर्ट ने भी देवी-देवताओं को नवालिग माना है। ओम प्रकाश शर्मा ने यह भी आरोप लगाया है कि देव समाज के कुछ लोग रिवॉल्विंग फंड का भी दुरुपयोग कर रहे हैं। फंड को कहीं मंदिर निर्माण, मरम्मत तो कहीं भवन निर्माण में खर्च किया जा रहा है।