देश सेवा करना हिमाचल की परंपरा:डॉ. रामलाल मारकंडा ने शहीद हवलदार तंजिन फुंचोग के नाम पर रखा सिस्सु स्कूल का नाम

कुल्लू3 महीने पहले
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शहीद हवलदार तंजिन फुंचोग के नाम पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला का उद्घाटन करते तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा। - Dainik Bhaskar
शहीद हवलदार तंजिन फुंचोग के नाम पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला का उद्घाटन करते तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा।

हिमाचल के लाहौल स्पीति में तकनीकी शिक्षा एवं जनजातीय विकास मंत्री डॉ.. रामलाल मारकंडा ने कहा कि हिमाचल को देवभूमि के साथ-साथ वीरभूमि के रूप में भी जाना जाता है। प्रदेश के जांबाज सपूत देश की रक्षा के लिए सदैव अपना सर्वस्व न्योछावर करने के लिए तत्पर रहते हैं। सेना में भर्ती होकर पीढ़ी दर पीढ़ी देश की सेवा करना हिमाचल की परंपरा रही है। सेना में भर्ती होना यहां के लोगों के लिए सर्वोच्च सम्मान है।

डॉ. मारकंडा रविवार को लाहौल मंडल के सिस्सु में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला का नाम बदलकर गांव के शहीद हवलदार तंजिन फुंचोग राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सिस्सु रखने के उपरांत उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए बोल रहे थे। उन्होंने शहीद हवलदार तंजिन फुंचोग के परिवार तथा इलाका वासियों को इस पुनीत कार्य के लिए बधाई दी।

उन्होंने कहा कि वर्ष 1962 में इंडो चाइना वार में हवलदार तंजिन फुंचोग शहीद हो गए थे। जिस पर उन्हें सम्मान देने के लिए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सिस्सु का नाम बदलकर शहीद हवलदार तंजिन फुंचोग राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सिस्सु रखा गया है।

उन्होंने कहा कि शहीद सैनिकों या अन्य महान हस्तियों के नाम पर स्कूलों का नामकरण वर्तमान पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण में योगदान करने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से किया गया था। उन्होंने कहा कि अनुशासन, शौर्य, कर्मठता, निस्वार्थ सेवा, निष्ठा, प्रतिष्ठा व ईमानदारी हिमाचल के लोगों को विरासत में मिली है।

तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा का स्वागत करती महिला।
तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा का स्वागत करती महिला।

प्रदेश के वीर सपूत सेना से सेवानिवृत्त होकर भी विभिन्न क्षेत्रों में सेवा प्रदान कर देश व प्रदेश के विकास में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि लाहौल स्पीति के लोगों का सेना, अर्द्धसैनिक और पुलिस बलों में पीढ़ी दर पीढ़ी सेवा करने का एक समृद्ध इतिहास रहा है।

इस मौके पर स्कूल की प्रधानाचार्य पालमो थॉमस ने तकनीकी शिक्षा मंत्री का स्वागत किया। स्कूल द्वारा चलाई जा रही विभिन्न गतिविधियों बारे विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर डॉ. रामलाल मारकंडा ने शहीद के बेटे शेर सिंह तथा पोतों को सम्मानित किया।

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