कुछ टीचरों ने स्कूल की शक्ल तक नहीं देखी:वीरेंद्र चौहान बोले- सरकार ने पदोन्नति प्रक्रिया पर पूरी तरह से विराम लगा रखा

शिमला2 महीने पहले
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हिमाचल प्रदेश संयुक्त कर्मचारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष वीरेंद्र चौहान।

हिमाचल प्रदेश संयुक्त कर्मचारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने गुरुवार को चंबा में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि कुछ अध्यापकों ने बीते साढ़े 4 साल में स्कूल की शक्ल तक नहीं देखी, क्योंकि उन्हें सरकार ने अपनी कोख में बिठा रखा है। उन्होंने कहा इस बात की खुशी है सरकार ने उनका तबादला जिला चंबा के सबसे दूरस्थ चांजू क्षेत्र में किया है, क्योंकि अब उन्हें अपने घर और स्कूल के बीच आने-जाने के दौरान 7 जिलों से होकर गुजरना पड़ेगा।

इस दौरान वह इन सभी जिलों के कर्मचारियों के साथ मिलते-जुलते रहेंगे। चौहान ने कहा कि उनके तबादले से सरकार इस गलतफहमी में न रहें कि कर्मचारियों की आवाज को दबाने में कामयाबी हासिल कर ली है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का जो भी कर्मचारी अपने कर्मचारी वर्ग के हित में आवाज उठा रहा है तो सरकार उसका तबादला कर रही है, लेकिन सरकार यह भूल रही है कि प्रदेश का कर्मचारी सरकार की रीढ़ की हड्डी है। सरकार स्वयं अपनी इस हड्डी को तोड़ने में लगी हुई है।

शिक्षा विभाग की पदोन्नति प्रक्रिया पर पूरी तरह से विराम

प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि बीते एक साल से सरकार ने शिक्षा विभाग की पदोन्नति प्रक्रिया पर पूरी तरह से विराम लगा रखा है। ओपीएस के लिए गठित कमेटी की आज तक बैठक नहीं हुई। कर्मचारी को 6 माह बीतने के बाद ही वित्तीय लाभ नहीं दिए गए हैं। सरकार ने अभी तक यह भी साफ नहीं किया है कि वह कर्मचारियों के हजारों-करोड़ रुपए का भुगतान कितनी किस्तों में करेगी।

चौहान का कहना है कि प्रदेश के आउटसोर्स कर्मचारियों के नियमितीकरण की बात करने के बाद सरकार इस मामले पर चुप है। इन सब बातों को लेकर प्रदेश के कर्मचारी में सरकार के प्रति रोष है और यही कारण है कि आए दिन कोई न कोई कर्मचारी वर्ग अपने हितों को लेकर आंदोलन करने के लिए मजबूर हो रहा है।