स्वतंत्रता सेनानी भाई हिरदा राम की 137वीं जयंती:परिजनों समेत मंडी वासियों ने किया नमन, प्रतिमा का माल्यार्पण कर दी श्रद्धांजलि

मंडी2 महीने पहले
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स्वतंत्रता सेनानी हिरदाराम की प्रतिमा को मालार्पण कर श्रद्धांजलि देते हुए स्थानीय लोग। - Dainik Bhaskar
स्वतंत्रता सेनानी हिरदाराम की प्रतिमा को मालार्पण कर श्रद्धांजलि देते हुए स्थानीय लोग।

हिमाचल के जिला मंडी में महान स्वतंत्रता सेनानी भाई हिरदा राम की 137वीं जयंती गरिमापूर्ण में समारोह के रूप में मनाई गई, शहर वासियों ने इंदिरा मार्किट की छत पर स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पमाला अर्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में नगर निगम मंडी की जिला भाषा अधिकारी प्रोमिला गुलेरिया विशेष रूप से मौजूद रही। वहीं शहर के वरिष्ठ लोगों ने भी इस अवसर पर अपनी उपस्थिति दर्ज करवाकर भाई हिरदा राम के योगदान को याद किया।

महान स्वतंत्रता सेनानी हिरदा राम की प्रतिमा को श्रद्धांजलि देते लोग।
महान स्वतंत्रता सेनानी हिरदा राम की प्रतिमा को श्रद्धांजलि देते लोग।

इस मौके पर भाई हिरदा राम स्मारक समिति मंडी के महासचिव के के नूतन ने कहा कि भाई हिरदा राम ने आजादी के लिए जो योगदान दिया है उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। जब भाई हिरदा राम की फांसी की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया गया तो अंग्रेजों द्वारा उन्हें अनेक यातनाएं दी गई। उन्होंने कहा कि देश की आजादी में दिए गए क्रांतिकारी भाई हिरदाराम के योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता।

भाई हिरदा राम के पौत्र शमशेर मिन्हास ने अपने दादा द्वारा दिए गए योगदानों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि लाहौर असैंबली पर भाई हिरदा राम बम्ब फेंकने वाले थे लेकिन अंग्रेजों को इस योजना का पहले ही पता चल गया जिस कारण भाई हिरदा राम को गिरफ्तार करके उन्हें फांसी की सजा सुनाई गई। लेकिन बाद में यह सजा आजीवन कारावास में बदली गई और काले पानी में उन्होंने वीर सावरकर के साथ यह सजा काटी।उन्होंने कहा कि आज शहर के सभी गणमान्य व्यक्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।