NDRF ने बताए आपदा से बचाव के तरीके:उरला स्कूल में एक दिवसीय ट्रेनिंग वर्कशॉप, 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा

पधरएक महीने पहले
उरला स्कूल में आयोजित आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यशाला दौरान आपदा से निपटने के गुर सिखाते NDRF दल के सदस्य।

मंडी जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सहयोग से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला उरला में एक दिवसीय आपदा प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता तहसीलदार पधर नीलम कुमारी ने की। इस दौरान NDRF बटालियन द्रंग के जवानों ने स्कूली विद्यार्थियों और अध्यापकों सहित स्थानीय ग्रामीणों को आपातकाल में आपदा से निपटने के गुर सिखाए।

NDRF दल के निरीक्षक शशि कुमार की अगुवाई में जवानों ने दुर्घटना के समय रक्तस्राव को रोकने, घायल व्यक्ति को तत्काल उपचार देने, हृदयाघात रोगी को तत्काल ऑक्सीजन यानि CPR देने के साथ-साथ भूकंप, बाढ़ अन्य महामारी से बचाव के उपाय बताए। NDRF इंस्पेक्टर कुमार ने आपदा के समय जहां तक हो सके बिना तकनीकी परामर्श के किसी भी चीज से निकलने के स्वस्थ और सुरक्षात्मक उपाय बताए।

9वीं से 12वीं के विद्यार्थी कार्यशाला में शामिल हुए
NDRF की टीम ने मॉक ड्रिल कर अध्यापकों और छात्रों को प्रशिक्षित और सचेत किया। इस दौरान छात्रों को भावनात्मक और सुरक्षात्मक पहलुओं के बारे भी जागरूक किया गया। प्राथमिक उपचार और बचाव का सामान्य प्रशिक्षण भी विद्यार्थियों को दिया गया। इसके अलावा विद्यार्थियों और अध्यापकों को CPR प्रक्रिया के बारे विस्तृत जानकारी दी गई।

सब इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार और मोहित कुमार ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को बताया कि हड्डी टूटने पर कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिएं। बाढ़ आने पर लोगों को पानी में डूबने से कैसे बचाया जाए और बाढ़ आने पर कौन-कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिएं। उन्होंने जिंदगी बचाने के लिए लाइफ जैकेट का जुगाड़ करना भी सिखाया।

इस दौरान प्रधानाचार्य मनोज ठाकुर, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण पर्यवेक्षक उदय शर्मा, कार्यलय कानूनगो शारदा यादव, सरोजिनी ठाकुर, पंचायत प्रधान ममता मित्तल पंचायत समिति उपाध्यक्ष कृष्ण भोज, ग्रामीण राजस्व अधिकारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहित पंचायत सदस्य उपस्थित रहे।