हिमाचल में दिव्यांग कर्मचारी संघ की नाराजगी:पदोन्नति को लेकर उठाए सवाल; केआर राव बोले- कर्मचारियों के साथ हो रहा है अन्याय

सुंदरनगर4 महीने पहले
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दिव्यांग कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष केआर राव। - Dainik Bhaskar
दिव्यांग कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष केआर राव।

हिमाचल में दिव्यांग कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष के.आर राव ने मांगों को लेकर एक बार फिर सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई है और कहा है कि पदोन्नति की आस लगाए बैठे प्रदेश के बहुत से दिव्यांग कर्मचारियों को फिर से निराश मिली है। दिव्यांग कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष केआर राव ने बताया की दिव्यांग कर्मचारियों को हिमाचल प्रदेश सरकार ने 6 जुलाई 2022 को हुई अधिसूचना के अनुसार पदोन्नति में 4 फीसदी आरक्षण देने की स्वीकृति प्रदान की है, जो हिमाचल प्रदेश के सभी दिव्यांग कर्मचारियों के लिए जारी हुई है। लेकिन अब इस अधिसूचना की अवहेलना की जा रही है।

कर्मचारियों की पदोन्नति को लेकर उठाए सवाल
शिक्षा विभाग में 1 सितंबर 2022 को TGT से पदोन्नत कर 850 शिक्षकों को स्कूल प्रवक्ता के पद पर तैनाती दी, परंतु इस सूची में भी एक भी दिव्यांग कर्मचारी को पदोन्नति नहीं दी गई है। इसके उपरांत 12 सितंबर 2022 को शिक्षा विभाग ने पदोन्नति की दूसरी सूची जारी की जिसमें शिक्षा विभाग में कार्यरत 245+111 शिक्षकों को हेड मास्टर के पद पर पदोन्नति दी गई। इसके बाद 14 अक्तूबर को 144 स्कूल लेक्चरर को स्कूल प्रिंसिपल के पद पर प्रमोशन दी गई।

हालांकि 14 अक्टूबर को दिव्यांग व्यक्तियों की श्रेणी से 31 TGT को स्कूल प्रवक्ता के पद पर प्रमोशन दी गई है। इसके अलावा सभी सूचियों में दिव्यांग कर्मचारियों की अनदेखी की गई। जिसके लिए दिव्यांग कर्मचारी संघ कड़ा ऐतराज करता है व सरकार से आग्रह करता है कि यथासंभव दिव्यांग श्रेणी के कर्मचारियों को भी दूसरी श्रेणी के कर्मचारियों के साथ ही पदोन्नति प्रदान करें या इस श्रेणी को प्राथमिकता दी जानी चाहिए ताकि समय रहते अच्छे खाली स्टेशन इन्हें मिल सके।

अगर इस श्रेणी के कर्मचारियों की पदोन्नति बाद में की जाती है, तो सभी स्टेशन भरे होने के कारण इन्हें दुर्गम स्थानों पर पदोन्नति उपरांत नियुक्ति दी जाएगी, क्योंकि सुगम स्थानों पर पहले ही नियुक्तियां दी जा चुकी हैं। जिस कारण से भविष्य में इस श्रेणी के कर्मचारियों को कर्तव्य निर्वहन में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।