पिता की पुस्तक में बेटी ने बनाए रेखाचित्र:युवा साहित्यकार पवन चौहान की बाल कहानी 'बिंदल और लड्‌डू' प्रकाशित

सुंदरनगर19 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
आस्था चौहान। - Dainik Bhaskar
आस्था चौहान।

हिमाचल के मंडी स्थित सुंदरनगर के गांव महादेव के युवा साहित्यकार पवन चौहान की बाल कहानी की नई पुस्तक बिंदली और लड्डू न्यू वर्ल्ड पब्लिकेशन दिल्ली से प्रकाशित हो चुकी है। इस पुस्तक की खास बात यह है कि इसकी सभी कहानियों के रेखाचित्र उनकी बेटी आस्था ने बनाए हैं। आस्था महावीर पब्लिक स्कूल सुंदरनगर में 9वीं कक्षा की छात्रा हैं। इस पुस्तक में आस्था के बनाए कुल 31 चित्र शामिल किए गए हैं।

पिता और पुत्री की रचनात्मकता का यह तालमेल सभी के लिए आकर्षण का एक सबब बन गया है। बिंदल और लड्डू की कहानियां बाल मनोविज्ञान के कई पक्षों को छूती हुई वैज्ञानिक दृष्टिकोण लिए हुए हैं। आस्था कविता, कहानी लेखन और चित्रकारी का विशेष शौक रखती हैं।

आस्था के चित्र व रचनाएं चकमक, बाल किलकारी, प्लूटो, बाल भास्कर, रीडर्स क्लब बुलेटिन, बच्चों का देश, अभिनव बालमन, हिमप्रस्थ, गिरिराज, बिरसा का गांडीव आदि देश की कई चर्चित पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं। आस्था के मुखचित्र नन्हें सम्राट और अभिनव बालमन पत्रिका के कवर पृष्ठ पर भी स्थान पा चुके हैं।

पुस्तक के लिए आस्था द्वारा बनाया गया रेखा चित्र।
पुस्तक के लिए आस्था द्वारा बनाया गया रेखा चित्र।

किलकारी पुस्तकालय, बिहार की कविता प्रतियोगिता चक धूमधूम समर कैंप 2021 में प्रथम स्थान हासिल कर आस्था पुरस्कृत हुई हैं। उल्लेखनीय है कि कई पुरस्कारों से सम्मानित पवन चौहान की बाल कहानियां, कविता और संस्मरण देशभर के स्कूल व विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में विद्यार्थी पढ़ रहे हैं।

इससे पहले पवन की कविता, कहानी, बाल कहानी और धरोहर संरक्षण की छरू पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। बिंदल और लड्डू उनकी 7वीं पुस्तक है।

खबरें और भी हैं...