करसोग:पिछली बार से महंगा पहुंचेगा मंडियों में सेब, 2.50 फीसदी बढ़ा भाड़े का टैरिफ

करसोगएक वर्ष पहले
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करसोग में सेब सीजन शुरू हो गया है। बागवानों को मंडियों तक सेब पहुंचाने के लिए जेब अधिक ढीली करनी होगी। प्रशासन ने देश की प्रमुख मंडियों के लिए सेब ढुलाई के भाड़े की लिस्ट जारी कर दी है। इसके मुताबिक इस बार सेब ढुलाई के भाड़े का टैरिफ़ 2.50 फीसदी बढ़ाया गया है। यानी बागवानों को पिछली साल की तुलना में इस बार सेब को मंडियों तक पहुंचाने के लिए अधिक पैसे खर्च करने होंगे।

प्रशासन ने करसोग के विभिन्न विभिन्न क्षेत्रों से शिमला, परवाणू, चंडीगढ़, अंबाला, दिल्ली, जयपुर, मद्रास, कलकत्ता व ग्वालियर आदि मंडियों तक सेब पहुंचाने की किराया की लिस्ट जारी कर दी है। इस बारे में फ्रूट ग्रोबर एसोसिएशन व बखरौट व केलोधार ट्रक यूनियन के प्रतिनिधियों की सर्वसम्मति से टैरिफ बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। बता दें कि करसोग में पिछले साल के मुकाबले में सेब उत्पादन आधा रहने का अनुमान लगाया गया है।

बाग़वानी विभाग के मुताबिक इस बार सेब उत्पादन करीब 8 लाख पेटी रह सकता है। पिछली साल करसोग में सेब उत्पादन 15 लाख पेटी से अधिक रहा था।  एसडीएम करसोग सुरेंद्र ठाकुर का कहना है कि फ्रूट ग्रोबर एसोसिएशन और ट्रक यूनियन के साथ आयोजित बैठक में इस बार सेब ढुलाई का भाड़े का टैरिफ पिछली साल की तुलना में 2.50  फिसदी बढ़ाया गया है। ये निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया है। उनका कहना है कि पिछली साल की तुलना में इस बार सेब की फसल काफी कम है।

अब ये होगा प्रति पेटी भाड़ा
प्रशासन ने बखरौट, चिंडी व चुराग से दिल्ली मंडी का प्रति पेटी ढुलाई भाड़ा 84 रुपये तय किया है। पिछली साल यही किराया 81 रुपये प्रति पेटी था।  इसी तरह से माहूंनाग, सपनोट, शोरशन, रेस्टाधार व पांगणा से दिल्ली का प्रति पेटी ढुलाई भाड़ा 85 रुपये होगा,  इन स्थानों से पहले दिल्ली का किराया 82 रुपये प्रति पेटी था।  सरही, पांगणा व मशोग के दिल्ली का किराया 88 रुपये प्रति पेटी तय किया गया है। करसोग के तेबन, कोटीनाला व कोटलु से दिल्ली का किराया प्रति पेटी निर्धारित किया गया है। इसी तरह से थर्मी, खनेयोल बगड़ा, पोखी व ग्वालपुर का किराया प्रति पेटी होगा। सेरी व सैंज बगड़ा आदि से दिल्ली का किराया 91 रुपये तय किया गया है।

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