250 करोड़ स्कॉलरशिप घोटाला / सीबीआई ने कई घंटे तक की आईएएस ऑफिसर से पूछताछ,अधिकारी रहे हैं शिक्षा विभाग में तैनात

घोटाले में अब तक सीबीआई तीन लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें शिक्षा विभाग के तैनात तत्कालीन अधीक्षक अरविंद राजटा, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की नवांशहर शाखा के हेड कैशियर एसपी सिंह और ऊना के केसी ग्रुप आफ इंस्टीट्यूट के वाइस चेयरमैन हितेश गांधी शामिल हैं। घोटाले में अब तक सीबीआई तीन लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें शिक्षा विभाग के तैनात तत्कालीन अधीक्षक अरविंद राजटा, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की नवांशहर शाखा के हेड कैशियर एसपी सिंह और ऊना के केसी ग्रुप आफ इंस्टीट्यूट के वाइस चेयरमैन हितेश गांधी शामिल हैं।
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घोटाले में अब तक सीबीआई तीन लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें शिक्षा विभाग के तैनात तत्कालीन अधीक्षक अरविंद राजटा, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की नवांशहर शाखा के हेड कैशियर एसपी सिंह और ऊना के केसी ग्रुप आफ इंस्टीट्यूट के वाइस चेयरमैन हितेश गांधी शामिल हैं।घोटाले में अब तक सीबीआई तीन लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें शिक्षा विभाग के तैनात तत्कालीन अधीक्षक अरविंद राजटा, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की नवांशहर शाखा के हेड कैशियर एसपी सिंह और ऊना के केसी ग्रुप आफ इंस्टीट्यूट के वाइस चेयरमैन हितेश गांधी शामिल हैं।

  • घोटाले में अब तक सीबीआई तीन लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है
  • हिमाचल सरकार की सिफारिश पर सीबीआई ने 9 मई 2019 को एफआईआर दर्ज की थी

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 01:52 PM IST

शिमला. 250 करोड़ से अधिक के स्कॉलरशिप घोटोले की जांच अब बड़े अधिकारियों तक पहुंच गई है।एक आईएएस अधिकारी से अब सीबीआई ने कई घंटे तक पूछताछ की है। अधिकारी शिक्षा विभाग में तैनात रहे हैं।घोटाले में अब तक सीबीआई तीन लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें शिक्षा विभाग के तैनात तत्कालीन अधीक्षक अरविंद राजटा, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की नवांशहर शाखा के हेड कैशियर एसपी सिंह और ऊना के केसी ग्रुप आफ इंस्टीट्यूट के वाइस चेयरमैन हितेश गांधी शामिल हैं।

जांच में शिक्षा विभाग के अधीक्षक अरविंद राजटा की भूमिका संदिग्ध मिली है। राजटा घोटाले के समय शिक्षा निदेशालय में उस सीट पर तैनात रहा है जहां से छात्रवृत्ति वितरण का काम संचालित होता था। इसके साथ ही शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों की भूमिका की भी सीबीआई जांच कर रही है। इसी कड़ी में सीबीआई ने आईएएस अधिकारी से पूछताछ की है। बताया जा रहा है कि सीबीआई ने उनसे स्काॅलरशिप आवंटन को लेकर कई सवाल पूछे।

मई 2019 में हुआ था मामला दर्ज
हिमाचल सरकार की सिफारिश पर सीबीआई ने 9 मई 2019 को एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद हिमाचल, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 22 शैक्षणिक संस्थानों के ठिकानों पर छापे मारे गए। यह कार्रवाई हिमाचल में शिमला, सिरमौर, ऊना, बिलासपुर, चंबा और कांगड़ा के अलावा करनाल, मोहाली, नवांशहर, अंबाला और गुरदासपुर स्थित कई शैक्षणिक संस्थानों पर की गई। सीबीआई ने बैंकों में भी छापेमारी की थी।

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